कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधान परिषद सदस्य बंशीधर बृजवासी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रदेश में लगभग एक लाख शिक्षकों की बहाली बिना वैकेंसी के कर दी गई, जबकि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह पूरी तरह से उनका आरोप है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि विभाग की ओर से नहीं की गई है।

23 साल से बिना प्रमोशन के काम कर रहे शिक्षक

बृजवासी ने आरोप लगाया कि कक्षा एक से पांच तक पढ़ाने वाले बेसिक ग्रेड शिक्षक बीते 23 वर्षों से बिना किसी प्रमोशन के काम कर रहे हैं, जिसके चलते कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को विषय-विशेषज्ञ शिक्षक नहीं मिल पा रहे। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कोई भी मध्य विद्यालय ऐसा नहीं, जहां सभी विषयों के शिक्षक मौजूद हों, और शिक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री को इस पर खुली चुनौती दी।

16 साल से RTE पूरी तरह से लागू नहीं

उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के 16 वर्षों में भी पूरी तरह लागू न होने का आरोप लगाया और ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाए, दावा किया कि पैसे लेकर पोस्टिंग की गई जगहों से नियमित शिक्षकों को बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की गिरफ्तारी, FIR दर्ज करने और अवैध भुगतान की वसूली की मांग की। ये तमाम आरोप उनके व्यक्तिगत बयान पर आधारित हैं, विभाग का पक्ष आना अभी शेष है।

शनिवार की छुट्टी को लेकर भी सरकार को घेरा

बृजवासी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों का हवाला देते हुए साप्ताहिक शिक्षण घंटे और अल्टरनेट शनिवार की छुट्टी को लेकर भी सरकार को घेरा। शिक्षा विभाग की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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