हरियाणा के बराड़ा में सामाजिक संस्था शिव सेवा मंडल सिंहपुरा ने भीषण गर्मी को देखते हुए एक विशाल छबील शिविर का आयोजन किया। संस्था के युवाओं ने दिनभर रेलवे अंडरपास के पास से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों को ठंडा-मीठा पानी पिलाकर राहत पहुंचाई।
अनिल शर्मा,अंबाला। हरियाणा के बराड़ा क्षेत्र में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सामाजिक संस्था शिव सेवा मंडल सिंहपुरा द्वारा एक सराहनीय मानवीय पहल की गई है। संस्था की ओर से रेलवे अंडरपास अनाज मंडी रोड पर एक विशाल छबील लगाकर राहगीरों को इस तपन से बड़ी राहत पहुंचाई गई। इस विशेष सेवा शिविर के दौरान वहां से गुजरने वाले आम राहगीरों, मजदूरों, वाहन चालकों और छोटे बच्चों को रोककर श्रद्धापूर्वक ठंडा-मीठा पानी पिलाया गया और उनकी प्यास बुझाई गई। सुबह के समय शुरू हुआ यह सेवा कार्य शाम तक लगातार निर्बाध रूप से चलता रहा, जहां बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और यात्रियों ने इस छबील का लाभ उठाया।
लकी बराड़ा के नेतृत्व में युवाओं ने संभाली कमान
तेज गर्मी के इस मौसम में ठंडा-मीठा पानी मिलने से थके-हारे राहगीरों ने काफी राहत महसूस की और संस्था की इस नेक पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। इस पुनीत सेवा कार्य में शिव सेवा मंडल सिंहपुरा के प्रधान लकी बराड़ा के कुशल नेतृत्व में युवाओं की एक बड़ी टीम ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मंडल के सक्रिय सदस्य गौरव, कमल, सक्षम अरोड़ा, दक्ष, रिशु मदान, निशान सिंह, अरुण ओबेरॉय, साहिल, देव, पंकज सभरवाल, पारुल शर्मा, डॉक्टर कुलदीप शर्मा, धीरज गोयल, चिराग और नितिन कालड़ा सहित अन्य समर्पित युवाओं ने खुद चिलचिलाती धूप में खड़े होकर राहगीरों को आदर सहित मीठा जल वितरित किया।
समाज सेवा और मानवता की रक्षा ही मुख्य उद्देश्य
इस सेवा संकल्प के मौके पर मौजूद मंडल के वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि इस भीषण और तपती गर्मी में किसी भी प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना संसार का सबसे बड़ा पुण्य का कार्य माना गया है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए स्पष्ट किया कि बिना किसी स्वार्थ के समाज सेवा करना और हर मोड़ पर मानवता की सेवा करना ही उनकी संस्था का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम के समापन पर स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने भी आगे आकर युवाओं के इस सेवा भाव और समर्पण की जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि इस तरह के निस्वार्थ सामाजिक कार्य समाज में दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं।

