जगदलपुर। बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व में इन दिनों भगवान जगन्नाथ अनसर काल में हैं और श्रद्धालु नेत्रोत्सव की प्रतीक्षा कर रहे हैं। चंदन जात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा सहित 22 विग्रहों को मंदिर में विराजमान किया गया है।

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मान्यता है कि अनसर काल के दौरान 15 दिनों तक भगवान के दर्शन नहीं होते। 15 जुलाई को नेत्रोत्सव के साथ पहली बार श्रद्धालुओं को श्री मंदिर के बाहर दर्शन होंगे। बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एक साथ 22 विग्रहों की पूजा की जाती है। आरण्यक ब्राह्मण समाज के अनुसार मूल रूप से 24 विग्रह लाए गए थे।

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बताया जाता है कि यात्रा के दौरान दो विग्रह नवरंगपुर में ही छूट गए थे। इसी वजह से जगदलपुर में छह शताब्दियों से 22 विग्रहों की ही पूजा की परंपरा चली आ रही है। 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा निकलेगी। 20 जुलाई को हेरा पंचमी और 24 जुलाई को बाहुड़ा रथयात्रा का आयोजन होगा। गोंचा महापर्व की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालुओं में भगवान के दर्शन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है।

दो मासूम बच्चों की मौत के बाद भी खुला है जानलेवा गड्ढा

दंतेवाड़ा। स्लरी पाइपलाइन परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कुम्हाररास के पास करीब 50 मीटर लंबा और 10 फीट से अधिक गहरा गड्ढा कई दिनों से खुला पड़ा है।

लगातार बारिश से गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया है। मौके पर न पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। यह स्थान सड़क और पर्यटन क्षेत्र के बेहद करीब होने से खतरा और बढ़ गया है। राहगीरों, ग्रामीणों, पर्यटकों और मवेशियों के लिए यह गड्ढा दुर्घटना का कारण बन सकता है।

इसी परियोजना में पहले भी दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। परियोजना एनएमडीसी की है जबकि निर्माण एल एंड टी कंपनी कर रही है। लोगों ने निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कराने के निर्देश देने की बात कही है। अब सभी की नजर इस पर है कि जिम्मेदार एजेंसियां कब तक सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करती हैं।

घोटाले से बदलाव तक, अब आदिवासी बेटियां संभाल रहीं तेंदूपत्ता समितियां

सुकमा। तेंदूपत्ता बोनस विवाद के बाद सुकमा में पारदर्शिता की नई पहल दिखाई दे रही है। पहली बार जिले की दो आदिवासी युवतियां समिति प्रबंधक बनी हैं। दिलपा किच्छे और पुष्पा माड़कम ने तेंदूपत्ता संग्रहण की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई।

दोनों के नेतृत्व में हजारों मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण कराया गया। अब संग्राहकों का भुगतान सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। इससे नकद भुगतान की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो रही है। घोटाले के बाद नई भर्ती प्रक्रिया में दोनों युवतियों को जिम्मेदारी मिली। उन्होंने दूरस्थ गांवों में बैंक खाते खुलवाने में भी अहम भूमिका निभाई।

इस वर्ष हजारों संग्राहकों को करोड़ों रुपये सीधे खाते में भेजे जाएंगे। वन विभाग इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। प्रबंधक अब योजनाओं और बीमा की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचा रही हैं। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में महिला प्रबंधकों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

तेज रफ्तार ने छीनी युवक की जिंदगी, अज्ञात वाहन चालक फरार

जगदलपुर। परपा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ग्राम जाटम के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 24 वर्षीय दीपक बघेल की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि वह घरेलू काम से निकला था। घर से महज एक किलोमीटर दूर यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद आरोपी चालक वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। युवा बेटे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

दीपक अपने पिता के साथ खेती-किसानी में हाथ बंटाता था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

बिजली टॉवर लगे, मुआवजा नहीं मिला; एक साल से भटक रहे किसान

जगदलपुर। बकावंड क्षेत्र के करीब 60 किसान मुआवजे की मांग को लेकर परेशान हैं। 400 केवी ट्रांसमिशन लाइन के लिए किसानों की जमीन पर बड़े टॉवर लगाए गए। टॉवर लगने से खेती योग्य भूमि प्रभावित हुई है। किसानों का आरोप है कि अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली।

प्रभावित किसानों ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई। मामला एसडीएम के सामने भी उठाया गया। सरपंच ने किसानों की समस्या को गंभीरता से प्रशासन तक पहुंचाया। एसडीएम ने जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया है।

किसानों का कहना है कि खेती प्रभावित होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है। वे लंबे समय से सरकारी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। अब ग्रामीणों की उम्मीद प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो किसान आगे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

35 आदिवासी विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई का संकट

नारायणपुर। रामकृष्ण मिशन आश्रम से जुड़े 35 विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। 11वीं उत्तीर्ण करने के बाद उन्हें छात्रावास में जगह नहीं मिल पा रही है। अधिकांश विद्यार्थी अबूझमाड़ के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांवों से आते हैं। रोजाना आना-जाना उनके लिए लगभग असंभव है।

आश्रम प्रबंधन का कहना है कि छात्रावास की क्षमता पहले ही पूरी हो चुकी है। निर्धारित सीटों से अधिक विद्यार्थी अभी भी वहां रह रहे हैं। सभी छात्रों को रखने पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं देना संभव नहीं होगा। आश्रम ने इस स्थिति की जानकारी पहले ही प्रशासन को दे दी थी।

अब जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर आ गई है। यदि जल्द वैकल्पिक छात्रावास की व्यवस्था नहीं हुई तो पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर समाधान की मांग तेज हो रही है। लोगों का कहना है कि वर्षों की मेहनत किसी भी हाल में व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।

जर्जर सड़क पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 15 दिन का अल्टीमेटम

कोंडागांव। लामकेर-झारतराई सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है। संघर्ष समिति ने कहा है कि 15 दिनों में मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन होगा। यह सड़क ब्लॉक और जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन हजारों लोग इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। सड़क पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हुआ। सुशासन तिहार में भी मरम्मत की मांग रखी गई थी। किसानों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

समिति ने निर्माण गुणवत्ता की जांच की भी मांग की है। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, काम चाहिए। समय सीमा पूरी होने के बाद आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

बस स्टैंड की अव्यवस्था पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

जगदलपुर। शहर का प्रमुख बस स्टैंड अव्यवस्था और अतिक्रमण का केंद्र बनने लगा है। अवैध पार्किंग और सड़क पर टिकट काउंटरों से यात्रियों को परेशानी हो रही है। महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और विद्यार्थियों को सबसे अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

बस स्टैंड के मुख्य प्रवेश द्वार पर वाहनों की अवैध पार्किंग से यातायात प्रभावित हो रहा है। सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित है। जनहित में बस स्टैंड परिसर को व्यवस्थित करने की मांग उठाई गई है। आम लोगों के लिए अलग पार्किंग की व्यवस्था करने की मांग की गई है।

मुख्य गेट के सामने स्थायी नो पार्किंग क्षेत्र घोषित करने की भी मांग है। बसों के दस्तावेजों और एजेंटों के सत्यापन की आवश्यकता बताई गई है। अतिक्रमण हटाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की गई। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनजागरण और आंदोलन की चेतावनी दी गई है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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