Bastar News Update : जगदलपुर. बस्तर का ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध गोंचा महापर्व सोमवार से देव स्नान पूर्णिमा के साथ आरंभ हो रहा है. श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा का वैदिक विधि से महाभिषेक होगा. महाभिषेक के बाद परंपरा अनुसार तीनों देव 15 दिनों के लिए अनसर में रहेंगे और दर्शन बंद रहेंगे. 617 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा इस वर्ष अपने 618वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. आषाढ़ शुक्ल पक्ष में आयोजित होने वाला यह पर्व बस्तर की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु आस्था और उत्साह के साथ शामिल होते हैं. तीनों देवों की प्रतिमाएं भव्य रथों में नगर भ्रमण कर सिरहासार तक पहुंचती हैं. बस्तर की पारंपरिक तुपकी सलामी इस महापर्व की सबसे अनूठी पहचान मानी जाती है. बांस से बनी तुपकी से भगवान को दी जाने वाली सलामी देश में केवल जगदलपुर में ही देखने को मिलती है. सोमवार सुबह शालिग्राम की शोभायात्रा और इंद्रावती के पवित्र जल से महाभिषेक की परंपरा निभाई जाएगी. अब श्रद्धालुओं को 15 जुलाई के नेत्रोत्सव पर पुनः भगवान के दर्शन प्राप्त होंगे. महापर्व को लेकर मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बना हुआ है.
पहली बारिश ने फिर बढ़ाई जलनिकासी व्यवस्था पर बहस
जगदलपुर. मानसून की पहली तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी. करीब एक घंटे की बारिश में धरमपुरा मार्ग, बिनाका मॉल क्षेत्र सहित कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं. घुटनों तक पानी भरने से वाहन रेंगते नजर आए और कई जगह लंबा जाम लग गया. दोपहिया वाहन पानी में बंद हुए, जबकि पैदल राहगीरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. निचले इलाकों गायत्री नगर और धरमपुरा के लोगों में घरों में पानी घुसने की आशंका बढ़ गई है. कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया. हर वर्ष मानसून में बनने वाले ऐसे हालात स्थायी समाधान की जरूरत की ओर इशारा कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई और बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था अब भी चुनौती बनी हुई है. नगर निगम द्वारा किए गए सुधार कार्यों के बावजूद कई संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव कायम रहा. लोगों का मानना है कि बढ़ते शहरी विस्तार के अनुरूप नई जलनिकासी योजना तैयार करना जरूरी है. शहरवासियों ने वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने और बड़े नालों के निर्माण की मांग उठाई है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि मानसून के बाकी दिनों में व्यवस्था कितनी कारगर साबित होती है.
सड़कों की सुरक्षा के लिए आयरन केजव्हील ट्रैक्टरों पर सख्ती
जगदलपुर. बस्तर जिले में अब लोहे के केजव्हील वाले ट्रैक्टरों के सड़क पर संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी. कलेक्टर के निर्देश पर ऐसे ट्रैक्टरों के खिलाफ चालानी और कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं. खेतों में उपयोग होने वाले लोहे के पहिए सड़क पर चलने से डामर और सीमेंट सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं. इसके कारण सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. उच्च न्यायालय के निर्देशों और लोक निर्माण विभाग के आदेशों के पालन में यह कदम उठाया गया है. प्रशासन ने खेतों से निकलते ही केजव्हील हटाकर रबर टायर लगाने को अनिवार्य बताया है. परिवहन और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से निगरानी अभियान चलाएंगे. इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरयान नियमों को लेकर जनजागरूकता अभियान भी संचालित होगा. किसानों को नियमों की जानकारी देकर सुरक्षित परिवहन के लिए प्रेरित किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. इस पहल का उद्देश्य सड़कों की सुरक्षा और सार्वजनिक संपत्ति का संरक्षण सुनिश्चित करना है. जिला प्रशासन ने सभी किसानों से नियमों का पालन करने की अपील की है.
नगरनार में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा
जगदलपुर. बस्तर पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नगरनार थाना क्षेत्र के धनपुंजी आरटीओ नाका के पास दोनों को बस का इंतजार करते हुए पकड़ा गया. तलाशी के दौरान बैग से 31.880 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया. जब्त मादक पदार्थ की कीमत लगभग 14.94 लाख रुपये आंकी गई है. आरोपी हरियाणा के निवासी बताए गए हैं. पूछताछ में उन्होंने गांजा ओडिशा से हरियाणा ले जाने की बात स्वीकार की. पुलिस ने मोबाइल फोन और नकद राशि भी जब्त की है..दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है. आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया. कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नगरनार थाना पुलिस ने की. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है. मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहने की बात कही गई है.
सड़क निर्माण में गिट्टी आपूर्ति को लेकर उठे नए सवाल
नारायणपुर. नारायणपुर-मरोड़ा सड़क निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता नजर आ रहा है. एक अनुबंध-पत्र के आधार पर गिट्टी आपूर्ति और उत्खनन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं. दावा किया गया है कि निर्माण कार्य में हजारों ट्रैक्टर ट्रिप गिट्टी का उल्लेख दर्ज है. इसी आधार पर बड़े पैमाने पर खनन होने की आशंका जताई गई है. मामले में पर्यावरणीय अनुमति और वैधानिक स्वीकृतियों की जांच की मांग की गई है. वन संपदा और प्राकृतिक.संसाधनों को संभावित नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया है. संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है. अबूझमाड़ क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है. मंजूरी प्रक्रिया और भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए गए हैं. पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग प्रशासन से की गई है. फिलहाल प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. मामला अब विकास कार्यों के साथ पर्यावरणीय जवाबदेही की बहस का विषय बन गया है.
पंचायत भवन की जर्जर छत बनी प्रशिक्षणार्थियों के लिए खतरा
कोंडागांव. मालगांव पंचायत भवन में सिलाई प्रशिक्षण के दौरान बड़ा हादसा टल गया. भवन की छत का पलस्तर अचानक गिरने से दो प्रशिक्षु युवतियां घायल हो गईं. दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया. घटना के समय भवन में करीब दर्जनभर महिलाएं और युवतियां प्रशिक्षण ले रही थीं. हादसे से प्रशिक्षण केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने पंचायत भवन की जर्जर हालत पर चिंता जताई है. महिलाओं ने भवन की तत्काल मरम्मत की मांग की है. जनपद सदस्य ने भवन सुरक्षित होने तक प्रशिक्षण केंद्र को दूसरे स्थान पर संचालित करने की मांग उठाई. उन्होंने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. ग्रामीणों ने घायल छात्राओं को सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है. यह घटना सरकारी भवनों के नियमित रखरखाव की आवश्यकता की ओर संकेत करती है. अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है.

बस्तर चेम्बर ने आईजी सुन्दरराज पी को दी सम्मानपूर्ण विदाई
जगदलपुर. बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने आईजी सुन्दरराज पी का सम्मान समारोह आयोजित किया. एनआईए में पदोन्नति मिलने पर चेम्बर भवन में उनका अभिनंदन किया गया. व्यापारी प्रतिनिधियों ने उनके कार्यकाल को बस्तर के लिए महत्वपूर्ण बताया. उनकी सरल कार्यशैली और आम लोगों से सहज संवाद की सराहना की गई. नक्सल उन्मूलन अभियान में उनकी भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया. चेम्बर पदाधिकारियों ने कहा कि उनके नेतृत्व में पुलिस की.सकारात्मक पहचान मजबूत हुई. सम्मान समारोह में अभिनंदन पत्र भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं. बड़ी संख्या में व्यापारी और चेम्बर के पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. वक्ताओं ने बस्तर में उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखने की बात कही. कार्यक्रम में सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं. सम्मान समारोह बस्तर और पुलिस प्रशासन के बेहतर समन्वय का भी प्रतीक बना. कार्यक्रम का समापन उनके सफल भविष्य की कामना के साथ हुआ.
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