Bastar News Update : दंतेवाड़ा. लगातार हो रही बारिश ने अब देश की सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वतीय रेल लाइनों में शामिल किरंदुल-कोत्तावालसा (केके) रेल मार्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. अरकू घाट सहित कई संवेदनशील घाट सेक्शन में भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है. इसी जोखिम को देखते हुए रेलवे ने यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ट्रेनों की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रतिघंटा तक सीमित कर दी है. लोको पायलटों को संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और लगातार हॉर्न बजाने के निर्देश दिए गए हैं. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीमें लगातार ट्रैक निरीक्षण में जुटी हुई हैं. संवेदनशील क्षेत्रों में गैंगमैन और ट्रैकमैन की अतिरिक्त तैनाती की गई है. जरूरत पड़ने पर मलबा हटाने के लिए विशेष दल भी अलर्ट मोड पर रखे गए हैं. मानसून के दौरान इस रेल लाइन पर पहले भी कई बार चट्टानें और मलबा गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं. समय रहते कार्रवाई होने से बड़ी दुर्घटनाएं टलती रही हैं. यह रेल मार्ग केवल यात्री परिवहन ही नहीं बल्कि बैलाडीला के लौह अयस्क परिवहन की भी महत्वपूर्ण कड़ी है. ऐसे में किसी भी बाधा का असर औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि बारिश का दौर जारी रहने तक घाट सेक्शन में विशेष निगरानी और नियंत्रित गति से ही ट्रेनों का संचालन किया जाएगा.
जंगलों की सुरक्षा में तकनीक का पहरा, थर्मल ड्रोन से रात में भी निगरानी
जगदलपुर. बस्तर के घने जंगलों की सुरक्षा अब आधुनिक तकनीक के भरोसे और मजबूत होती नजर आ रही है. वन विभाग ने कांकेर वन मंडल के सहयोग से थर्मल इमेजिंग ड्रोन के जरिए रात्रिकालीन निगरानी शुरू की है. इस तकनीक से अंधेरे और घने जंगलों में भी वन्यजीवों की गतिविधियां आसानी से देखी जा रही हैं. हालिया निगरानी के दौरान हिरणों के झुंड भी कैमरे में कैद हुए हैं. थर्मल तकनीक शरीर की ऊष्मा के आधार पर जीव-जंतुओं और मानव गतिविधियों की पहचान करती है. इससे अवैध शिकार, लकड़ी तस्करी और जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना आसान हुआ है. वन विभाग को भालू, तेंदुआ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिल रही है. रात्रिकालीन गश्त पहले की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रही है. वनकर्मियों की सुरक्षा में भी इस तकनीक से मदद मिल रही है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही बस्तर वन मंडल को अपना थर्मल ड्रोन भी उपलब्ध कराया जाएगा. आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जैव विविधता संरक्षण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है. वन विभाग इसे भविष्य की वन सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा मान रहा है.
भालू के हमले में महिला घायल!
बीजापुर. जिले के पामेड़ क्षेत्र से भालू के हमले की खबर सामने आ रही है. पामेड़ क्षेत्र के रासपल्ली गांव में खेत जाने के दौरान महिला का भालू से सामना हो गया. भालू के हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. फिलहाल उसका जिला अस्पताल में इलाज जारी है.
जानकारी के मुताबिक रासपल्ली गांव की रहने वाली घायल महिला करतम सोढ़ी शनिवार को खेत की तरफ जा रही थी. इस दौरान वहां मौजूद भालू ने उनपर हमला कर दिया. परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें पामेड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय बीजापुर रेफर कर दिया गया. फिलहाल महिला का उपचार जिला अस्पताल में जारी है. हालांकि, इस घटना की अभी तक प्रशासन या वन विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
सड़क बदहाल, स्कूली बच्चों और महिलाओं की बढ़ी परेशानी
दंतेवाड़ा. किरंदुल नगर के वार्ड क्रमांक-8 स्थित मटन मार्केट के पास की सड़क लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. यही मार्ग आसपास की बस्तियों और स्कूल जाने वाले बच्चों का सबसे छोटा रास्ता है. बारिश में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ गया है. छोटे बच्चे और बुजुर्ग रोजाना फिसलने के जोखिम के बीच आवाजाही कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि दूसरा रास्ता काफी लंबा पड़ता है, इसलिए मजबूरी में इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है. रहवासियों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. आरोप है कि मार्ग किनारे अवैध रूप से महुआ शराब की बिक्री होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है. स्कूल आने-जाने वाली महिलाओं को इससे असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है. रहवासियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित पुलिस गश्त और अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बड़ा हादसा हो सकता है.
स्कूल में अनुशासन और सुरक्षा पर जोर, अनुपस्थित छात्रों के नाम होंगे निरस्त
जगदलपुर. ब्लॉक बस्तर के उत्कृष्ट आत्मानंद हिंदी माध्यम विद्यालय घाटलोहंगा में शाला प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई. बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालय अनुशासन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए. दो वर्षों से लगातार अनुपस्थित विद्यार्थियों के नाम नियमानुसार निरस्त करने पर सहमति बनी. विद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं के मोबाइल उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया गया. अभिभावकों से भी बच्चों के अनावश्यक मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने की अपील की गई. बैठक में जर्जर भवन की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया. बार-बार बिजली बाधित होने से पेयजल संकट और पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. समिति ने बुनियादी सुविधाओं को जल्द दुरुस्त करने की मांग की. सदस्यों ने सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया. विद्यालय में नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी रणनीति बनाने पर चर्चा हुई. बैठक में जनप्रतिनिधि, शिक्षक और अभिभावक बड़ी संख्या में मौजूद रहे. समिति ने सभी निर्णयों को शीघ्र अमल में लाने पर सहमति जताई.
भारी बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, जलभराव से राहत और सतर्कता की अपील
नारायणपुर. लगातार बारिश के बीच नारायणपुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है. जलभराव वाले इलाकों में रातभर जल निकासी और साफ-सफाई का अभियान चलाया गया. अधिकारी और कर्मचारी विभिन्न वार्डों में देर रात तक हालात पर नजर बनाए रहे. नालियों और निकासी मार्गों की सफाई कर पानी का बहाव सामान्य करने का प्रयास किया गया. कलेक्टर नम्रता जैन ने नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है. उफनते नदी-नालों और डूबे हुए पुल-पुलियों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है. अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी सूचनाओं पर नजर रखने को कहा गया है. निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है. 1 जून से 31 जुलाई तक जिले में लगभग 980.82 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है. प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मानसून समाप्त होने तक राहत एवं बचाव व्यवस्था सक्रिय रखने की तैयारी की गई है.
बारिश ने तोड़ी सड़क और पुल, दर्जनों गांवों का संपर्क हुआ प्रभावित
कोंडागांव. दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने फरसगांव क्षेत्र में ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. छिंदली से बड़ेडोंगर जाने वाले मुख्य मार्ग का करीब पांच मीटर हिस्सा बह गया है. सदाड़ी गांव की पुलिया भी तेज बहाव में ढहने से दर्जनों गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है. ग्रामीणों को अब जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए कई किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है. कई स्थानों पर लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने को मजबूर हैं. लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें भी बर्बाद हो गई हैं. किसानों ने आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल दोनों क्षेत्र की जीवनरेखा थे. संपर्क टूटने से शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है. साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क और पुल का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की भी मांग उठाई है. लोगों को उम्मीद है कि जल्द राहत कार्य शुरू कर सामान्य आवागमन बहाल किया जाएगा.

नशीली कैप्सूल बेचने वाला युवक गिरफ्तार, 144 कैप्सूल जब्त
जगदलपुर. नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दलपत सागर सुलभ परिसर के पास अवैध नशीली कैप्सूल बेच रहे युवक को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपी भोला बघेल को घेराबंदी कर रंगे हाथों पकड़ा. उसके कब्जे से 144 नशीली कैप्सूल बरामद की गईं. आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है.
जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है. पुलिस को पहले से मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी.
सूचना मिलते ही विशेष टीम ने मौके पर कार्रवाई की. पूछताछ के बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया. उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है.
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