जगदलपुर। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू किए गए सड़क चौड़ीकरण कार्य अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। करोड़ों रुपए की लागत से चार प्रमुख मार्गों के विस्तार का जिम्मा एक।ठेकेदार को सौंपा गया था, लेकिन महीनों बाद भी कोई परियोजना पूरी नहीं हो सकी है।
कोतवाली-लालबाग रोड, एयरपोर्ट मार्ग, बोधघाट थाना रोड और कोर्ट रोड पर अधूरे निर्माण के कारण लोगों को धूल, जाम और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या एयरपोर्ट रोड पर देखने को मिल रही है, जहां भारी वाहनों और बसों की आवाजाही के बीच अधूरा निर्माण जोखिम बढ़ा रहा है। लालबाग मार्ग पर भी दशहरे से पहले शुरू हुआ चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की धीमी रफ्तार से दैनिक आवागमन प्रभावित हो रहा है।

इधर विभाग ने निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि सभी अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि जमीनी हालात बता रहे हैं कि परियोजनाओं की सुस्ती का खामियाजा फिलहाल आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
डेढ़ साल से पड़ा धान, अब गुणवत्ता पर संकट, रिकॉर्ड और वास्तविकता में बड़ा अंतर
कोंडागांव। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के प्रबंधन को लेकर कोंडागांव जिले में गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संग्रहण केंद्रों से राइस मिलों तक समय पर उठाव नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में धान डेढ़ साल से अधिक समय तक खुले में पड़ा रहा। लगातार धूप, बारिश और मौसम की मार झेलने के बाद अब धान की गुणवत्ता प्रभावित हो चुकी है।
जांच में मौके पर 1295.90 मीट्रिक टन धान पाया गया, जबकि रिकॉर्ड में इससे कहीं अधिक मात्रा दर्ज थी। हजार टन से ज्यादा धान के अंतर को विभाग सूखत बता रहा है, लेकिन इससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। धान खरीदी से लेकर भंडारण तक बहुस्तरीय निगरानी के दावों के बावजूद इतना बड़ा अंतर चर्चा का विषय बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक खुले में रखे जाने से धान की उपयोगिता और मूल्य दोनों प्रभावित होते हैं। अब प्रशासन शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार कर रहा है। यह मामला केवल धान की गुणवत्ता का नहीं, बल्कि भंडारण और प्रबंधन व्यवस्था की जवाबदेही का भी बन गया है।
दो जिलों में वारदात, एक गिरोह गिरफ्तार, लाखों के जेवर बरामद
जगदलपुर। बस्तर पुलिस ने लगातार हुई चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए एक अंतरजिला गिरोह को गिरफ्तार किया है। लोहण्डीगुड़ा और परपा थाना क्षेत्र में सूने मकानों को निशाना बनाकर लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चोरी की गई थी। घटनाओं के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर जांच तेज की।
मुखबिर की सूचना पर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हो गया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 11 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी का माल गलवाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह की अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
रेलवे के आधुनिकीकरण कार्य से यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी
दंतेवाड़ा। केके रेल लाइन पर चल रहे दोहरीकरण और सुरक्षा उन्नयन कार्यों का असर अब यात्रियों की यात्रा पर भी दिखाई देगा। रेलवे ने विशाखापटनम-किरंदुल रूट की प्रमुख ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है। निर्धारित अवधि तक पैसेंजर और नाइट एक्सप्रेस ट्रेनें किरंदुल तक नहीं जाएंगी। ये ट्रेनें दंतेवाड़ा स्टेशन तक ही संचालित होंगी और वहीं से वापस रवाना की जाएंगी।
रेलवे का कहना है कि यह फैसला ट्रैक आधुनिकीकरण और सुरक्षा कार्यों को गति देने के लिए लिया गया है। हालांकि इसका असर किरंदुल और आसपास के यात्रियों पर पड़ेगा, जिन्हें अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ सकती है। यात्रियों से यात्रा से पहले समय-सारणी और नए संचालन आदेश की जानकारी लेने की अपील की गई है। रेल प्रबंधन ने असुविधा के लिए खेद भी व्यक्त किया है। आधुनिकीकरण पूरा होने के बाद रेल संचालन और अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की सख्ती, पैथोलॉजी सेंटर सील
जगदलपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में अनियमितताओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच टीम ने नगरनार और आसपास संचालित एक पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर का निरीक्षण किया। जांच में बिना निर्धारित प्रक्रिया के मेडिकल प्रमाणपत्र जारी करने और रिपोर्ट तैयार करने जैसी गंभीर खामियां सामने आईं। कई मामलों में सैंपल नंबर, समय और जरूरी रिकॉर्ड तक दर्ज नहीं पाए गए।
यह भी सामने आया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में अन्य कर्मचारियों द्वारा दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे। प्रशासन ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर लापरवाही मानते हुए सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इसी दौरान बिना वैध अनुमति संचालित एक निजी क्लीनिक को भी बंद कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों से समझौता करने वाले संस्थानों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
कांग्रेस भवन चोरी कांड में रिश्तेदार निकले आरोपी, पूरा सामान बरामद
सुकमा। सुकमा में राजनीतिक कार्यालय में हुई चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी आपस में चाचा-भतीजा हैं। कार्यालय का ताला तोड़कर एसी, ट्यूबलाइट, बिजली के उपकरण और तांबे के तार चोरी किए गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने विशेष टीम बनाकर संदिग्धों पर निगरानी शुरू की। मुखबिर की सूचना मिलने पर एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जिसने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने चोरी गया लगभग पूरा सामान बरामद कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने का दावा किया है।
मरीज को बचाकर लौट रही एम्बुलेंस हादसे की शिकार
सुकमा। मरीजों की जान बचाने वाली 108 एम्बुलेंस खुद सड़क हादसे का शिकार हो गई। कोंटा क्षेत्र से मरीज को सुकमा अस्पताल पहुंचाने के बाद एम्बुलेंस वापस लौट रही थी। तड़के करीब तीन बजे चालक को अचानक झपकी आ गई और वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया।
हादसा इतना गंभीर था कि एम्बुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में एम्बुलेंस में तैनात ईएमटी गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि चालक को भी चोटें आईं। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुकमा रेफर किया गया। यह हादसा लगातार ड्यूटी और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले आपातकालीन सेवा कर्मियों की कार्य परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े करता है। सौभाग्य से हादसे के समय एम्बुलेंस में कोई मरीज मौजूद नहीं था।
रोजगार की तलाश में गया मजदूर लौटा दिव्यांग बनकर, अब न्याय की आस
कोंडागांव। बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक मदद के लिए बेंगलुरु गए एक मजदूर की जिंदगी एक हादसे ने पूरी तरह बदल दी। केसकाल क्षेत्र के संतराम नेताम विद्युत कार्य के दौरान करंट की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए एक हाथ काटना पड़ा। दूसरे हाथ की स्थिति भी पूरी तरह सामान्य नहीं बताई जा रही है।
पीड़ित का आरोप है कि हादसे के बाद कंपनी और ठेकेदार ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली। इलाज का खर्च और घर लौटने तक की व्यवस्था भी उन्हें स्वयं करनी पड़ी। अब जिला अस्पताल में भर्ती संतराम अपने परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। मजदूरी ही उनकी आय का मुख्य साधन थी, जो हादसे के बाद लगभग समाप्त हो गया है। यह मामला कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों और दुर्घटना के बाद श्रमिकों के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। संतराम फिलहाल इलाज के साथ-साथ मुआवजे और प्रशासनिक मदद की उम्मीद लगाए हुए हैं।
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