Bastar News Update : बकावंड. बस्तर जिले की तहसील करपावंड की ग्राम पंचायत पाथरी का आश्रित गांव कादोमाली आज भी राजस्व ग्राम का दर्जा पाने को तरस रहा है. पाथरी पंचायत मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर जंगल के बीच बसे कादोमाली के ग्रामीण जीविकोपार्जन के लिए पूरी तरह मजदूरी और वनोपज पर आश्रित हैं. कोई शासकीय काम हो तो यहां के ग्रामीणों को 3 किमी की पैदल यात्रा कर पाथरी जाना पड़ता है. राशन, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीयन, सबके लिए यह सफर उनकी मजबूरी है.
ग्रामीणों के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में आज तक इसे स्वतंत्र ग्राम का दर्जा नहीं मिल पाया. नतीजतन गांव का अपना पटवारी नहीं, अपना सचिव नहीं, अपना सरपंच नहीं, है तो सिर्फ पराधीनता का भाव और ग्रामीणों के हताश निराश चेहरे.
योजनाओं से वंचित राजस्व ग्राम न होने के कारण कोदोमाली योजनाओं से वंचित है. यहां नल-जल योजना का काम तो हुआ है, लेकिन पानी उपलब्ध नहीं है. तालाब नाला का सहारा लेकर ग्रामीणों का जीवन यापन चल रहा है. यहां के लोगों को मनरेगा के तहत पृथक से काम नहीं मिलता अलग, पाथरी में मनरेगा का काम शुरू होता है तो वहां कोदोमाली के आदिवासी ग्रामीणों को जरा भी प्राथमिकता नहीं मिलती. वन अधिकार पट्टे के दावे यहां बेदम हो गए हैं, क्योंकि राजस्व नक्शे में गांव है ही नहीं.
सीएम के पोर्टल पर शिकायत भी ग्रामीण
फूलसिंग नेताम ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री जन शिकायत पोर्टल पर आवेदन दिया. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तहसील कार्यालय करपावंड और कलेक्टर कार्यालय जगदलपुर में भी ज्ञापन दिया. मगर आज तक कोई भी अधिकारी निरीक्षण के लिए तक कादोमाली नहीं पहुंचा. फाइलें दफ्तरों में घूम रही हैं, गांव जस के तस अपने हाल पर आंसू बहा रहा है.
ग्रामीणों की पीड़ा
ग्रामीणों ने कहा हमारा गांव नक्शे में नहीं है, तो क्या सरकार की नजर में हमारा कोई वजूद नहीं है, या सरकार और प्रशासन ने हमें मरा हुआ मान लिया है? अतिवृष्टि हो जाए, बाढ़ आए, आग लग जाए, कोई मर जाए, तो पाथरी, बकावंड, करपावंड और जगदलपुर से टीम आने में कई दिन लग जाते हैं. 79 साल की आजादी में हमें सिर्फ आश्रित का ठप्पा मिला है.
क्या कहता है को स्वतंत्र राजस्व ग्राम घोषित नियम ?
छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 73 के तहत 200 से अधिक आबादी और निश्चित मापदंड पूरा करने वाले मजरे-टोले किया जा सकता है. इसके लिए कलेक्टर को सर्वे कराकर प्रस्ताव शासन के पास भेजना पड़ता है. कोदोमाली की जनसंख्या करीब 600 है और राजस्व ग्राम का दर्जा पाने के सभी कायदों में यह गांव पूरी तरह खरा उतरता है. फिर भी न जाने क्यों शासन प्रशासन इस गांव को अब तक उपेक्षित किए हुए हैं? ग्रामीणों का कहना है कि अब हम लोगों के पास एक ही रास्ता बचा है और वह है समाचार पत्र. इसके जरिए सरकार, शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गहरी नींद से जगाया जाएगा. हमारे आश्रित गांव को राजस्व का दर्जा मिले, ताकि हम भी सरकारी योजनाओं के हकदार बन सकें.
बारसूर के जंगल में नक्सलियों का डंप बरामद…
दंतेवाड़ा. बारसूर थाना क्षेत्र के ग्राम तोडमा के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया विस्फोटक और प्रतिबंधित सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है. यह कार्रवाई सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने की.
जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद उनके द्वारा जंगलों में छिपाकर रखे गए डंप और अन्य सामग्री की बरामदगी के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में शनिवार को मिली खुफिया सूचना के आधार पर ग्राम तोडमा के जंगल में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया. सचिंग के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई.
बरामद सामग्रियां
बरामद सामग्री में 75 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 7.62 मिमी एसएलआर राउंड, 5.56 मिमी इंसास राउंड, 7.62×39 मिमी राउंड, 12 बोर राउंड, 12 बोर खाली केस, 303 ब्लैंक कारतूस, बीजीएल कारतूस के खाली केस, 500 ग्राम विस्फोटक, जिलेटिन, सेफ्टी फ्यूज वायर, डीएमआर और वायरलेस सेट जैसे संचार उपकरण, एक भरमार राइफल, बैटरियां, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक वायर, यूरिया पाउडर, ग्रेनेड पिन और अन्य सामग्री शामिल हैं. इसके अलावा नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है. ऑपरेशन के बाद सभी जवान सुरक्षित लौट आए.
शिवानंद आश्रम में 35 जोड़े ने एक साथ लिए फेरे
जगदलपुर. बस्तर की पावन धरा पर रविवार को सामाजिक समरसता की एक अद्भुत तस्वीर उभरकर सामने आई. दिव्य जीवन संघ की प्रेरणा से घाटपदूर स्थित शिवानंद आश्रम में 35 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिणय सूत्र में बंध गए. रविवार को जब एक साथ 35 जोड़ों ने सात फेरे लिए, तो वह दृश्य इतना मनोरम था कि वहां मौजूद हर शख्स भाव-विभोर हो उठा. वर-वधू और उनके परिजनों के चेहरों पर झलकी मुस्कान ने आयोजन की सार्थकता सिद्ध कर दी.
इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत आधुनिक चकाचौंध और दिखावे से दूर ‘आदर्श विवाह’ की परंपरा को स्थापित करना रहा. सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस सामूहिक विवाह ने समाज को फिजूलखर्ची और दिखावे के शोर से बचने का सशक्त संदेश दिया है. पूरी तरह जनसहयोग से आयोजित इस भव्य समारोह में संतों के सानिध्य में नवदंपत्तियों ने गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया. इस पुनीत कार्य ने न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल प्रदान किया, बल्कि बस्तर में सामूहिक एकजुटता और सेवा की एक नई इबारत भी लिख दी.
सामूहिक विवाह संपन्न होने के बाद नवदंपत्तियों को समिति की ओर से गृहस्थी का आवश्यक सामान भेंट किया गया. विदाई के समय जहां परिजनों की आंखें नम थीं, वहीं अपनी नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर जोड़ों में असीम उत्साह दिखा. आयोजन समिति ने सफल विवाह के लिए समस्त दानदाताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है.

महिला कर्मी पर कुत्ते का हमला, मालिक पर केस
कांकेर | कोतवाली अंतर्गत भंडारीपारा में टहलने निकली शासकीय महिला कर्मचारी पर एक कुत्ते ने हमला कर दिया. महिला कर्मचारी इसे घटना को दोषी कुत्ते के मालिक को बता इसकी शिकायत पुलिस में की. पुलिस ने कुत्ते के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया. जिला कार्यालय में पदस्थ महिला कर्मचारी निवासी भंडारीपारा ने शिकायत दर्ज करते बताई कि मैं रात में भोजन के बाद अपने भतीजे के साथ मोहल्ले में टहलने निकली थी.
आंधी-बारिश के कारण घंटों बिजली बंद रहने से जनता परेशान
जगदलपुर. बेमौसम तेज हवाओं और बारिश ने बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे उपभोक्ता घंटों तक अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. गर्मी के मौसम में अचानक आई आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को प्रभावित किया. घंटों तक बिजली सप्लाई ठप रहने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बिजली लाइनों में फाल्ट हुई और साथ ही ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या बनने लगी है. शनिवार की रात को अचानक बदले मौसम के मिजाज और तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई. तेज-बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतार दिया. शहर के शांति नगर वार्ड में एक पोल टूट गया, जिससे रविवार को नया पोल लगाया गया. वहीं विद्युत कर्मचारियों की टीम बारिश बंद होने के बाद बिजली को बहाल किया. शहर से लेकर देहात क्षेत्रों तक घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस दौरान बिजली लाइनों में फाल्ट की झड़ी लग
गई. आंधी के चलते कहीं पेड़ों की टहनियां लाइनों पर गिर गईं, तो कहीं जंफर उड़ने के साथ ही ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो गई थी.
टीम ने बिजली को किया बहाल
विद्युत कंपनी जगदलपुर (शहरीय) संभाग के कार्यपालन अभियंता सुदीप खेस ने बताया कि तेज हवाओं एवं बारिश से बिजली प्रभावित हुई. उपभोक्ताओं की सूचना विद्युत कर्मियों की टीम पहुंचाकर बिजली बहाल किया गया.
चोरी के दो मामलों का आरोपी गिरफ्त में
नारायणपुर. चोरी के दो मामलों के एक आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भिजवाया. बताया गया आरोपी की गुनाह कबूली के बाद उसकी निशानदेही और कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण एवं एक्टिवा बरामद की गई. प्रार्थी ने 24 अप्रेल को थाना नारायणपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 23 अप्रेल 2026 को वह अपने घर से बाहर गया हुआ था. रात्रि में वापस लौटने पर उसने देखा कि उसके घर का दरवाजा टूटा हुआ है तथा अंदर रखा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है. जांच करने पर अलमारी का ताला टूटा मिला और उसमें रखे नगद रु एक लाख / सहित सोने-चांदी के आभूषण (सोने का हार, अंगूठी एवं चांदी की पायल) कुल लगभग रु2,50,000/- मूल्य के चोरी होना पाया गया. बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई. इसी दौरान एक अन्य प्रकरण में एक्टिवा स्कूटी चोरी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही थी.
मुखबिर से मिली मदद
विवेचना के दौरान मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 18 वर्ष के संदेही आनंद नेताम उर्फ ढेला (उम्र) निवासी गुड़ीपारा, को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया. पूछताछ में आरोपी द्वारा दोनों चोरी की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया गया. आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है. इस कार्यवाही में उनि राम नरेश गौतम. उनि राजकुमार राय. सहा उनि भारत राजपूत प्रधान आरक्षक राकेश राजपूत शंकर गोटा हीरा मरकाम संदीप सिंह (साइबर सेल) ने सहयोग किया.
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