पीयूष जायसवाल, नागदा। मुक्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल रहे शिवरात्रि मेले के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक चलते झूले पर अचानक मधुमक्खियों का झुंड टूट पड़ा। हमले में कई श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। तीनों बच्चों का उपचार नागदा के शासकीय अस्पताल के आईसीयू वार्ड में जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला पूरी रफ्तार से चल रहा था, तभी अचानक मधुमक्खियों का झुंड झूले के ऊपर मंडराने लगा और देखते ही देखते सवार लोगों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए लोग चीखने-चिल्लाने लगे। कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर हवा में ही झूले से नीचे उतरने की कोशिश करते दिखाई दिए। इस दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
घटना में गंभीर रूप से घायल हुए बच्चों की पहचान 13 वर्षीय उमेश, 13 वर्षीय नैतिक और 15 वर्षीय शिवनारायण के रूप में हुई है। तीनों नागदा के समीप स्थित बनबाना गांव के निवासी हैं और एक ही परिवार से संबंध रखते हैं। परिजनों के अनुसार, एक बच्चे की आंख पर मधुमक्खियों के डंक का अधिक असर पड़ा है, जिसके चलते डॉक्टरों की निगरानी में विशेष उपचार किया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही हमला शुरू हुआ, झूला संचालक ने झूला रोक दिया। हालांकि झूला रुकने के बाद भी लोग ऊंचाई पर फंसे रहे और मधुमक्खियों का हमला झेलते रहे, जिससे उन्हें नीचे उतारने में काफी दिक्कत हुई। कई लोगों के शरीर पर दर्जनों डंक के निशान बताए जा रहे हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मधुमक्खियां मंदिर परिसर या आसपास के किस स्थान से आईं। घटना के बाद मेले में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय प्रशासन और मेला समिति द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और शांति बनाए रखें। घटना ने मेले की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

