Bengal Ex Minister Sujit Bose Arrest: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही पूर्ववर्ती ममता सरकार के भ्रष्टाचारी नेताओं पर एक्शन का शुरू हो गया है। बंगाल में आजादी के बाद पहली बार बीजेपी कि सरकार बनते ही पहली गिरफ्तारी ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की हुई है। बंगाल पूर्व मंत्री सुजीत बोस को ईडी (ED) ने गिरफ्तार किया है। नगर निगम भर्ती घोटाले में ईडी ने ये कार्रवाई की है। ईडी ने  करीब 10 घंटे के पूछताछ के बाद ने पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सहयोग न करने और बयान में विसंगतियां पाए जाने के आधार पर बोस को गिरफ्तार किया गया है।

टीएमसी के कद्दावर नेताओं में शुमार बोस तीन बार विधायक रह चुके हैं। सुजीत बोस पर 2014-2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। कहा जाता है कि सुजीत ने इसके बदले पैसे और फ्लैट लिए थे। सुजीत उस वक्त दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे।

ईडी ने 10 अक्टूबर 2025 को पश्चिम बंगाल में 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें सुजीत बोस और पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा मंत्री के दफ्तर भी शामिल थे। इस दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज और 45 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती में मदद करने के बदले सुजीत बोस ने कई फ्लैट हासिल किए, जिन्हें ईडी ने अपराध से अर्जित संपत्ति (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में चिन्हित किया। इसके अलावा ईडी को उनके नियंत्रण वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने के सबूत भी मिले हैं।

क्या है नगर निगम भर्ती घोटाला

यह मामला बंगाल के विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं में हुई कथित अवैध भर्तियों का है। ईडी ने इस मामले में जांच कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इससे पहले प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान वर्ष 2023 में ईडी ने रियल एस्टेट डेवलपर और फिल्म निर्माता अयान सील और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। जांच के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए थे। ईडी की जांच में सामने आया कि यह घोटाला केवल शिक्षकों की भर्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्य की कई नगरपालिकाओं और नगर निगमों में हुई भर्तियों तक फैला हुआ था। यहां मजदूर, स्वीपर, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, ड्राइवर और अन्य पदों पर कथित रूप से अवैध नियुक्तियां की गईं थी।

टीएमसी के दिग्गज नेताओं में शामिल हैं सुजीत बोस

सुजीत बोस टीएमसी के दिग्गज नेताओं में शामिल हैं। वह विधान नगर क्षेत्र से तीन बार के विधायक रह चुके हैं। इस बार हुए विधानसभा चुनाव में में भाजपा के शरदवत मुखर्जी से 37,000 से अधिक वोटों से हराया था। वह ममता बनर्जी सरकार में अग्निशमन एवं आपात कालीन सेवा मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। सुजीत बोस को कोलकाता और आसपास के इलाकों में टीएमसी का प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। वह कोलकाता की सबसे लोकप्रिय दुर्गा पूजा श्रीभूमि स्पोटिंग कल्ब समितियों में एक के रुप में भी जाने जाते है।

2009 में जीता उपचुनाव

चक्रवर्ती का 2009 में निधन हो गया और बोस ने उसके बाद हुए उपचुनाव में सीपीआई (एम) के दिग्गज नेता की पत्नी रमाला को हराया था। बोस पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने बाद के विधानसभा चुनाव भी जीते और 2021 में जीत के बाद पहली बार मंत्री नियुक्त हुए। बोस सिर्फ कोलकाता के ही प्रभावशाली नेता नहीं थे, बल्कि टीएमसी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने उत्तर बंगाल में भी पार्टी का आधार मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जो बाद में इस क्षेत्र में भाजपा के उदय के कारण धूमिल हो गया।

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