अतीश दीपंकर/भागलपुर। जिले से एक घटना सामने आई है, जहां अपने आत्मीय को अंतिम विदाई देने आए एक वृद्ध स्वयं काल के गाल में समा गए। कहलगांव शहर स्थित श्मशान घाट पर शुक्रवार को अपने चचेरे भाई के दाह संस्कार के दौरान गंगा नदी में डूबने से एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

​स्नान के दौरान हुआ हादसा

​जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान सिंधु मंडल (70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी राज्य झारखंड के मेहरमा थाना क्षेत्र के निवासी थे। बताया जा रहा है कि सिंधु मंडल अपने चचेरे भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कहलगांव आए थे। दाह संस्कार की प्रक्रिया के दौरान जब वे गंगा नदी में स्नान करने उतरे, तभी गहरे पानी का अंदाजा न मिलने के कारण उनका पैर फिसल गया और वे तेज धार की चपेट में आ गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते वे लहरों में ओझल हो गए।

​प्रशासनिक सक्रियता और रेस्क्यू ऑपरेशन

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित किया गया। शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहलगांव थाना प्रभारी श्यामाला कुमार ने बताया कि घटना शुक्रवार की है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली गई।
​थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक शव बरामद नहीं किया जा सका है। फिलहाल, SDRF (राज्य आपदा मोचन बल) की टीम को तैनात किया गया है, जो शनिवार सुबह से ही नदी की खाक छान रही है। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन शव को खोजने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

​शोक संतप्त परिवार

​इस हादसे ने श्मशान घाट पर मौजूद हर आंख को नम कर दिया। जिस भाई को मुखाग्नि देने सिंधु मंडल आए थे, उनके गम के साथ अब परिवार को सिंधु जी की इस असामयिक मृत्यु का दोहरा आघात सहना पड़ रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे नदी किनारे टकटकी लगाए अपने स्वजन के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं।