भागलपुर। नगर निगम के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी अगस्त महीने से निगम की तमाम महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएं एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुलभ हो जाएंगी। राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (एनयूडीएम) के अंतर्गत होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, भवन नक्शा स्वीकृति, एनओसी और जन शिकायत निवारण जैसी कुल 19 प्रमुख सेवाओं का संचालन अब एक ही पोर्टल के जरिए किया जाएगा। इस क्रांतिकारी बदलाव के बाद शहरवासियों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए नगर निगम कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी।
मुंबई की कंपनी को मिली जिम्मेदारी, शुरू हुआ डाटा कार्य
इस आधुनिक ई-गवर्नेंस प्रणाली के सफल संचालन, रख-रखाव और दोहरी लेखा प्रणाली को अधिक मजबूत बनाने की जिम्मेदारी नगर विकास एवं आवास विभाग ने मुंबई स्थित एमएस च्वाइस कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी है। विभाग और संबंधित कंपनी के बीच एक जुलाई 2026 से पांच वर्षों की लंबी अवधि के लिए आधिकारिक अनुबंध किया जा चुका है। वर्तमान में कंपनी की विशेषज्ञ टीम भागलपुर नगर निगम कार्यालय में तेजी से डाटा संग्रहण का कार्य कर रही है। अगले लगभग तीन हफ्तों तक डाटा का बारीकी से सत्यापन और माइग्रेशन कार्य चलेगा, जिसके तुरंत बाद इस नई डिजिटल व्यवस्था का विधिवत शुभारंभ कर दिया जाएगा।
19 मॉड्यूल्स के जरिए मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
एनयूडीएम के फ्रेमवर्क के तहत कुल 19 अलग-अलग मॉड्यूल्स विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख नागरिक केंद्रित सेवाएं शामिल हैं:
- कर एवं लाइसेंस: प्रॉपर्टी टैक्स (होल्डिंग टैक्स) का सटीक आकलन एवं ऑनलाइन भुगतान, और ट्रेड लाइसेंस बनवाना।
- अनुमोदन एवं प्रबंधन: भवन नक्शा स्वीकृति, विभिन्न प्रकार की एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र), विज्ञापन प्रबंधन, तथा संपत्ति एवं भूमि प्रबंधन।
- जन सुविधाएं: जन शिकायत निवारण प्रणाली, जल एवं सीवरेज कनेक्शन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, और ठोस कचरा प्रबंधन।
- इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन के कार्यों की पारदर्शी निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक डैशबोर्ड और एमआईएस (प्रबंधन सूचना प्रणाली) भी तैयार किया जा रहा है।
31 जुलाई को समाप्त होगी पुरानी व्यवस्था
भागलपुर नगर निगम में वर्तमान समय में होल्डिंग टैक्स की वसूली एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से की जा रही है, जिसकी अनुबंध अवधि आगामी 31 जुलाई को समाप्त हो रही है। इस संदर्भ में निगम प्रशासन ने संबंधित पुरानी एजेंसी को सेवा समाप्ति का आधिकारिक पत्र पहले ही जारी कर दिया है। इस पुरानी व्यवस्था के समाप्त होते ही होल्डिंग टैक्स के अद्यतन आकलन और उसके ऑनलाइन भुगतान की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी तरह से नए और उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाएगी।
घर बैठे मिलेंगे समाधान और कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
नई डिजिटल व्यवस्था के धरातल पर उतरने के बाद नागरिक अपने घर बैठे ही आसानी से होल्डिंग टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके साथ ही, ट्रेड लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान, भवन नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया, एनओसी प्राप्ति और अपनी शिकायतों की लाइव ट्रैकिंग भी घर बैठे ही मुमकिन हो सकेगी। इस संपूर्ण ई-गवर्नेंस प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को नई ऊंचाइयां देना है।


