सरोज कुमार गुप्ता, सीतामढ़ी। जिले के लिए एक खास रविवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली साबित हुआ। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के दौरान सीतामढ़ी में चल रहे सिंगल यूज़ प्लास्टिक रीसाइक्लिंग अभियान का विशेष रूप से उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने खुले मंच से इस पहल की भरपूर सराहना करते हुए इसे वेस्ट टू वेल्थ यानी कचरे से कंचन और उपयोगी संसाधन तैयार करने का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। राष्ट्रीय स्तर पर इस प्रकार की सराहना मिलना पूरे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

​कचरे से बन रहा उपयोगी फर्नीचर

​सीतामढ़ी में जिला प्रशासन और ग्रामीण विकास विभाग के मिले-जुले प्रयासों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के संग्रहण और उसके पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। इस अनूठी पहल के अंतर्गत घरों, बाजारों और तमाम सार्वजनिक जगहों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके इस बेकार प्लास्टिक को पिघलाकर मजबूत और आकर्षक बेंच सहित अन्य उपयोगी फर्नीचर बनाने का काम किया जा रहा है।

​पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल

​इस अभियान की सबसे बड़ी और खास विशेषता यह है कि एक टिकाऊ बेंच को तैयार करने में लगभग 40 किलोग्राम सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग किया जाता है। जिस प्लास्टिक को आमतौर पर हमारे पर्यावरण, धरती और जल स्रोतों के लिए एक गंभीर खतरा माना जाता है, वही आज लोगों के बैठने के लिए मजबूत बेंच के रूप में एक नई पहचान बना रहा है। इससे एक तरफ जहां प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निपटान हो रहा है वहीं दूसरी तरफ इसका बार-बार उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है जिससे पर्यावरण संरक्षण को भारी बल मिल रहा है।

​सामूहिक प्रयासों का शानदार परिणाम

​प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच पर इस प्रेरणादायक पहल का जिक्र किए जाने के बाद से पूरे सीतामढ़ी जिले में खुशी और उत्साह का माहौल बना हुआ है। जिला प्रशासन ने इसे पूरे सीतामढ़ी के लिए गर्व का विषय बताया है। प्रशासन का कहना है कि यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास विभाग, सभी प्रखंडों के अधिकारियों, समर्पित स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और जागरूक नागरिकों के मिले-जुले सामूहिक प्रयासों का शानदार परिणाम है।

​प्लास्टिक-मुक्त सीतामढ़ी का संकल्प

​इस बड़ी सफलता के बाद जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई दी है। साथ ही एक स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक-मुक्त सीतामढ़ी के निर्माण के लिए जनभागीदारी को और अधिक मजबूत करने की अपील की गई है। प्रशासन का मानना है कि यदि प्रदेश का हर नागरिक प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण और उसकी रीसाइक्लिंग में अपना सहयोग दे, तो पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ स्वच्छता अभियान को भी एक नई और तीव्र गति मिल सकती है। पीएम मोदी के इस संबोधन से न केवल सीतामढ़ी की राष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई है बल्कि देश के अन्य जिलों को भी इससे एक नई प्रेरणा मिली है।