पटना। विदेश यात्रा से करीब 24 दिनों के लंबे अंतराल के बाद बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर उतरते ही उन्होंने मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए। तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए छात्रों के समर्थन में बड़ा अल्टीमेटम दिया है।

​मुख्यमंत्री पर बोला तीखा हमला

​पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनके ऊपर हत्या जैसे गंभीर मामलों के मुकदमे रहे हों, वे आज पुलिस के बल पर छात्रों और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​दिल्ली और बिहार की व्यवस्था में अंतर

​नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य को बचाने के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे थे। दिल्ली में सरकार ने छात्रों की मांगों को स्वीकार कर लिया और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने का फैसला लिया। इसके विपरीत, बिहार की सरकार छात्रों पर दमनकारी नीतियां अपना रही है और उन्हें लगातार जेल भेजा जा रहा है।

​लाठीचार्ज और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आक्रोश

​तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजधानी पटना समेत बिहार के कई अन्य जिलों में प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस ने बर्बर लाठीचार्ज किया। बड़ी संख्या में युवाओं को हिरासत में लिया गया और हजारों अज्ञात व नामजद छात्रों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि इस लोकतांत्रिक आंदोलन के दौरान कई विपक्षी विधायकों और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव पर गंभीर धाराएं लगाकर जेल भेज दिया गया, जो पूरी तरह से सरकार की तानाशाही को दर्शाता है।

​सरकार को दिया एक दिन का अल्टीमेटम

​छात्रों के समर्थन में आरजेडी नेता ने सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए एक दिन का अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने घोषणा की कि यदि कल तक सभी छात्रों पर से फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए, गिरफ्तार किए गए युवाओं और अन्य लोगों को रिहा नहीं किया गया तथा तेज प्रताप यादव को जेल से नहीं छोड़ा गया, तो राष्ट्रीय जनता दल पूरे बिहार राज्य में एक विशाल और व्यापक आंदोलन का बिगुल फूंकेगा। अंत में उन्होंने कहा कि बिहार की दशा और दिशा तभी सुधर सकती है जब यह वर्तमान सरकार सत्ता से बाहर होगी।