भागलपुर। जिले के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र स्थित वारसलीगंज रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब ‘श्री श्री 1008 चंडी महायज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा’ के अंतिम दिन यज्ञशाला में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा पंडाल जलकर राख हो गया। इस घटना के दौरान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद उन्होंने बचाव कार्य के लिए पहुंची अग्निशमन विभाग की टीम पर पथराव कर दिया।

​शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, मची भगदड़

​राधाकृष्ण सार्वजनिक ठाकुरबाड़ी में आयोजित इस भव्य ज्ञान यज्ञ के समापन के दिन यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के समय पंडाल में 500 से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। आग की लपटें देख मौके पर भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों को मामूली चोटें आई हैं। श्रद्धालुओं ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी।

​देरी से पहुंचने का आरोप, दमकल वाहन पर पथराव

​घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के कथित तौर पर देरी से पहुंचने के कारण भीड़ उग्र हो गई। जैसे ही दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे, आक्रोशित लोगों ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान दमकल गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और कर्मियों के साथ हाथापाई की कोशिश की गई। न केवल विभाग के जवान, बल्कि कवरेज कर रहे मीडिया कर्मियों और वीडियो बना रहे स्थानीय लोगों को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा।

​पुलिस की दखल के बाद स्थिति हुई सामान्य

​सूचना मिलते ही मोजाहिदपुर थाना पुलिस और डीएसपी राकेश कुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों और अग्निशमन विभाग ने मिलकर आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक यज्ञशाला और पंडाल पूरी तरह जल चुके थे।

​अधिकारी का बयान

​हैरानी की बात यह रही कि अग्निशमन विभाग के स्टेशन प्रभारी श्रवण रविदास ने अपनी टीम पर हुए सीधे हमले से इनकार किया है। वाहन के शीशे टूटने पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि भीड़ के दबाव के कारण ऐसा हुआ होगा। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।