Bihar Politics: बिहार में इन दिनों नाम बदलने की मांग को लेकर सियासत तेज हो चुकी है। बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने की मांग को लेकर अब राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बड़ा बयान दिया है। भाई वीरेंद्र ने तंज कसते हुए कहा कि, राज्य में पलायन और बेरोजगारी समेत अन्य और भी कई गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन यहां तो नाम बदलने की चर्चा हो रही है। साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि, अगर यही बात है, तो फिर भारत का नाम बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रख दो। इसी तरह सब जगह का नाम बदल दो।

शराबबंदी से राजस्व नुकसान पर कही ये बात

सीएम सम्राट चौधरी द्वारा शराबबंदी के कारण बिहार को 20 हजार करोड़ का राजस्व नुकसान वाले बयान पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि, वे भी शराबबंदी के समर्थन में रहे हैं, लेकिन आज राज्य में इसकी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग शराबबंदी कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके लिए कड़ा कानून बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि, बिहार में खाकी और खादी दोनों मिलकर शराबबंदी कानून को बर्बाद कर रहे हैं और इसे विफल कर रहे हैं।

संतोष सुमन ने उठाई थी मांग

दरअसल, बिहार सरकार में मंत्री संतोष कुमार सुमन ने हाल ही में बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि, बख्तियारपुर केवल एक भौगोलिक पहचान नहीं है। यह उस महान जननेता की जन्मभूमि है, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन से बिहार की राजनीति, विकास और शासन की दिशा को एक नई पहचान दी। उनकी जीवन-यात्रा, संघर्ष और असंख्य स्मृतियां इस धरती से जुड़ी हुई हैं।

‘बख्तियारपुर’ बने ‘नीतीशपुर’ की मांग

संतोष सुमन ने कहा था कि, बिहार को विकास, सुशासन और सामाजिक परिवर्तन की नई राह देने वाले ऐसे जननेता की जन्मभूमि को उनके नाम से सम्मानित करना केवल एक स्थान का नाम बदलना नहीं होगा, बल्कि उस मिट्टी के गौरव, उसके इतिहास और उससे जुड़ी जनभावनाओं को सम्मान देना होगा। इसी भावना के साथ मैं सीएम सम्राट चौधरी से बख्तियारपुर का नाम बदलकर ‘नीतीशपुर’ करने का प्रस्ताव रखता हूं। उन्होंने कहा कि, जिस धरती ने बिहार को नीतीश कुमार जैसा जननेता दिया, उसकी पहचान भी उस गौरव के नाम से हो…‘बख्तियारपुर’ बने ‘नीतीशपुर’।

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