परवेज आलम, बगहा। जिले के भैरोगंज थाना क्षेत्र में उप मुखिया समेत वार्ड सदस्य पति को गोली मारे जाने के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद एकजुट हुए ग्रामीणों ने पंचायत बुलाकर SDPO और SP से से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने मुखिया संतरा देवी और पटना से पहुंचे भाजपा नेता श्रवण दास के नेतृत्व में एसपी राजेश कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
ग्रामीणों ने भैरोगंज थानाध्यक्ष सीता केवट की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद बिगड़े माहौल में सुरक्षा की मांग करने वाले मुखिया पति मुन्ना दास और संदीप यादव को ही पुलिस ने गोलीकांड का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया।
2 सितंबर को मारी गई थी गोली
दरअसल, 2 सितंबर की शाम भैरोगंज थाना क्षेत्र के कपरधिक्का गांव में अपराधियों ने उप मुखिया अशोक दास और वार्ड सदस्य पति राधेश्याम राम को गोली मारकर घायल कर दिया था। गोलीकांड के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस को भी ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा था।
इसी दौरान मुखिया पति मुन्ना दास के घर पर कुछ लोगों के पहुंचने और तोड़फोड़ किए जाने की बात सामने आई। मुन्ना दास का दावा था कि घटना के वक्त वह अपने गांव स्थित घर पर मौजूद थे। घर पर लोगों के पहुंचने के बाद मुखिया संतरा देवी ने भैरोगंज थानाध्यक्ष से सुरक्षा की मांग की थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने सुरक्षा देने के बजाय माहौल शांत कराने के नाम पर मुन्ना दास और उनके साथ रहने वाले संदीप यादव को ही गोलीकांड में आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। मुखिया और ग्रामीणों का कहना है कि मुन्ना दास और संदीप यादव बेकसूर हैं। लेकिन पुलिस इसकी बगैर कोई गवाही लिए और गांव में आकर जांच किये बीना ही प्रभाव में आकर कार्रवाई कर दी, लिहाजा अब जिले के पुलिस महकमे के मुखिया समेत सूबे के मुखिया से मामले की निष्पक्ष जांच कर निर्दोष लोगों के रिहाई की मांग जोर पकड़ने लगी है।
घायलों के बयान बदलने पर भी उठे सवाल
मुखिया और ग्रामीणों का कहना है कि गोली चलने की घटना से वे इनकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन घायल उप मुखिया और वार्ड सदस्य पति की ओर से कथित तौर पर बार-बार बयान बदले जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इसी वजह से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
बताया जा रहा है कि मुखिया पति मुन्ना दास और उप मुखिया अशोक दास के बीच पहले से जमीन और लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। ग्रामीणों और मुखिया पक्ष की ओर से आशंका जताई जा रही है कि किसी तीसरे व्यक्ति ने गोलीकांड को अंजाम देकर मुन्ना दास और संदीप यादव को फंसाने की साजिश रची हो सकती है। हालांकि, यह फिलहाल आरोप और आशंका है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसपी से मिले ग्रामीण, सौंपा ज्ञापन
मामले में निष्पक्ष जांच और निर्दोष लोगों की रिहाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने एसपी राजेश कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करनी चाहिए और किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई ठोस साक्ष्य के आधार पर ही होनी चाहिए।
पटना से पहुंचे भाजपा नेता श्रवण दास ने भी भैरोगंज थाना प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पंचायत चुनाव नजदीक होने का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक साजिश के तहत मुखिया की छवि खराब करने के लिए गोलीकांड को अंजाम दिया गया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने गोली चलने की घटना से इनकार नहीं किया। उनका कहना है कि घटना के समय मुन्ना दास और उनके चालक संदीप यादव के गांव में अपने घर पर होने के दावे की भी जांच होनी चाहिए।
CCTV और CDR जांच की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस को घटना से जुड़े CCTV फुटेज, आरोपियों की CDR और घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान समेत सभी साक्ष्यों की जांच करनी चाहिए। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोलीकांड के पीछे कौन लोग थे और गिरफ्तार किए गए लोगों की इसमें क्या भूमिका थी।
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