अजय सैनी, भिवानी. भिवानी की जीबीटीएल मिल में मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सैकड़ों मजदूर कर्मचारियों ने मिल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहरभर में प्रदर्शन किया और विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। मजदूरों का आरोप है कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते उन्होंने मिल का काम बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया है।

भिवानी की जीबीटीएल कपड़ा मिल के सैकड़ों मजदूर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूर शहर की सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए विधायक घनश्याम सर्राफ के आवास पहुंचे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने हाल ही में न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15 हजार 221 रुपये निर्धारित किया था, लेकिन मिल प्रशासन उन्हें केवल 11 हजार 221 रुपये का ही वेतन दे रहा है।

मजदूरों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें एक महीने बढ़े हुए वेतन का भुगतान किया गया, लेकिन उसके बाद फिर से पुराने वेतन पर ला दिया गया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे जरूरत से ज्यादा काम लिया जाता है और उन्हें सीएल तथा पीएल जैसी छुट्टियों की सुविधाएं भी नहीं दी जातीं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में परिवार का खर्च चलाना पहले ही मुश्किल है, ऐसे में निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं मिलना उनके साथ अन्याय है।

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों ने मिल प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और मिल का कामकाज प्रभावित रहेगा।
वहीं, मामले को लेकर विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि मजदूर उनके पास अपनी शिकायत लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने मिल प्रशासन से इस विषय पर बातचीत की है। विधायक के अनुसार मिल प्रबंधन ने समस्या के समाधान के लिए दो से तीन दिन का समय मांगा है।


विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि यदि दो से तीन दिनों के भीतर मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं होता है तो वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करेंगे। फिलहाल मजदूर अपने आंदोलन पर अड़े हुए हैं और न्यूनतम वेतन मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कह रहे हैं।