अजय सैनी, भिवानी. हरियाणा सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए चलाए जा रहे समाधान शिविर में वीरवार को स्थानीय चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया। पूर्व जिला पार्षद ईश्वर मान ने समाधान शिविर में उपायुक्त को शिकायत सौंपकर नागरिक अस्पताल के स्कूल नर्सिंग छात्रावास की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी को उजागर किया।

ईश्वर सिंह मान ने शिकायत में बताया कि चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल परिसर में स्थित यह नर्सिंग छात्रावास कभी नर्सिंग छात्राओं और स्टाफ के रहने व पढ़ाई के लिए एक बेहतरीन सुविधा हुआ करता था। लेकिन साल 2019 में लोक निर्माण विभाग और बिल्डिंग एक्सपर्ट्स की टीम ने इस इमारत को बेहद जर्जर और खतरनाक माना था। छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस भवन को असुरक्षित घोषित कर खाली करवा दिया गया था। उस समय विशेषज्ञ टीम ने प्रस्ताव दिया था कि इस पुराने और जर्जर ढांचे को पूरी तरह से तोडक़र यहां एक नया आधुनिक भवन बनाया जाए।

पूर्व जिला पार्षद ने तीखा रुख अपनाते हुए कहा कि पिछले 7 वर्षों से यह जर्जर भवन इसी तरह खड़ा है, लेकिन किसी भी संबंधित अधिकारी, मंत्री या राजनेता ने इसकी सुध लेने की जहमत नहीं उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि भिवानी शहर और यहां के मुख्य नागरिक अस्पताल के प्रति शासन-प्रशासन की बेरुखी साफ नजर आती है। मान ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का दम भरती है, वहीं दूसरी तरफ हमारी बेटियों के रहने और पढऩे के सुरक्षित स्थान को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। ऐसी अनदेखी के बीच सरकार का यह नारा पूरी तरह फीका पड़ता नजर आ रहा है।

हॉस्टल खाली होने के बाद से वर्तमान में नर्सिंग स्टाफ और छात्राएं वैकल्पिक तौर पर इसी परिसर में स्थित जीएनएम/एएनएम ट्रेनिंग स्कूल के शैक्षणिक ब्लॉक में कक्षाएं लगाने और जैसे-तैसे व्यवस्था करने को मजबूर हैं। ईश्वर सिंह मान ने भिवानी की जनता के व्यापक जनहित में हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन से हाथ जोडक़र प्रार्थना की है कि इस खतरनाक हो चुके जर्जर छात्रावास भवन को अविलंब गिराया जाए। उन्होंने मांग की कि यहां तुरंत प्रभाव से नया भवन निर्मित किया जाए ताकि अस्पताल और शहर की सुंदरता को भी चार चांद लग सकें और नर्सिंग छात्राओं को एक सुरक्षित व बेहतर माहौल मिल सके। इसके अलावा चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल के मुख्य द्वार में घुसते ही शौचालय में भ्भी गंदगी का आलम है, जिसके चलते मरीजों के साथ उनके परिजनों को भारी परेशानियों व बदबूूमय माहौल का सामना करना पड़ता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इस शिकायत पत्र की प्रतियां उपायुक्त भिवानी के अलावा पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भिवानी, हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, सिंचाई मंत्री और स्थानीय विधायक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।