दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के समर्थन में हरियाणा के भिवानी में युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति को खून से पत्र लिखा। युवा कल्याण संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

भिवानी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन अब देश के अलग-अलग हिस्सों में फैलता जा रहा है। छात्रों के समर्थन में अब हरियाणा के भिवानी जिले में भी युवाओं ने जोरदार आवाज बुलंद की है। युवा कल्याण संगठन से जुड़े युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए अपने खून से राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की।

प्रदर्शनकारी युवाओं ने कहा कि छात्रों और युवाओं की मांगों को सुनने के बजाय सरकार उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। युवाओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले छात्रों पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

‘गांधी जी के सत्याग्रह के दौरान अंग्रेज भी बातचीत करते थे’

युवा कल्याण संगठन के सदस्यों ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जब महात्मा गांधी सत्याग्रह और अनशन पर बैठते थे, तब अंग्रेज सरकार भी उनके साथ बातचीत करने के लिए मजबूर होती थी। लेकिन आजाद भारत में छात्रों और युवाओं के साथ सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार छात्रों से बातचीत करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। युवाओं ने कहा कि अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

‘आवाज उठाने पर जानवरों की तरह पीटा जा रहा’

प्रदर्शनकारी युवाओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का काम जनता और छात्रों की आवाज सुनना है, न कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को बलपूर्वक दबाना।

युवाओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई छात्रों की आवाज अब देशभर में पहुंच रही है और हरियाणा के युवा भी इस संघर्ष में छात्रों के साथ खड़े हैं।

शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम अपने खून से लिखे पत्र के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। युवाओं ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और आंदोलनरत छात्रों के साथ बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

युवा संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया और उनके साथ संवाद शुरू नहीं किया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है।