शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग और शिक्षकों से जुड़ी दो बड़ी खबरें सामने आई है। एक तरफ जहां लोक शिक्षण संचालनालय यानि DPI ने नियमित शिक्षकों की ऑनलाइन हाजिरी के नियमों को और सख्त करने की तैयारी कर ली है तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के करीब 70 हजार अतिथि शिक्षकों के री-ज्वाइनिंग और रुके हुए मानदेय को लेकर भी बड़ी पहल शुरू कर दी है।
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अब 10.45 नहीं 10 बजे लगानी होगी हाजिरी
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है। वर्तमान व्यवस्था के तहत शिक्षकों को सुबह 9.30 बजे से 10.45 बजे के बीच अनिवार्य रूप से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करानी होती है। यदि 10.45 के बाद अटेंडेंस लगाई जाती है तो उसे मान्य नहीं किया जाएगा।
जानकारों की मानें तो बीते दिन लोक शिक्षण आयुक्त ने ऑनलाइन अटेंडेंस को लेकर समीक्षा बैठक ली। बैठक में आयुक्त ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हाजिरी का समय 10.45 की बजाय सुबह 10.00 बजे तक ही अनिवार्य किया जाए। विभाग अब 10 बजे तक ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराने की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में हैं।
70 हजार अथिथि शिक्षकों को मिलेगी राहत
प्रदेश के नेटवर्क विहीन दूरस्थ इलाकों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों को आ रही तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए DPI सक्रिय हो गया है। नेटवर्क न होने के कारण कई स्कूलों में अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग और मानदेय भुगतान अटक गया था। DPI ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर ऐसे नेटवर्क विहीन स्कूलों का पूरा विवरण मांगा है।
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विभाग अब स्कूल, वहां कार्यरत अतिथि शिक्षक और उनके लंबित मानदेय की पूरी जानकारी जुटाकर समस्याओं का तुरंत निराकरण करेगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें इस कदम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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