पटना। राजधानी पटना के ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से सदाकत आश्रम पर हाल ही में हुए पथराव और हिंसक झड़प के बाद बिहार की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय पर हुए इस हमले के विरोध में पार्टी नेतृत्व पूरी तरह आक्रामक हो गया है। इसी कड़ी में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेश कुमार ने राज्य के मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र लिखकर कांग्रेस मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल पुख्ता करने की पुरजोर मांग की है।
22 जुलाई को सदाकत आश्रम पर हुआ था घेराव और तोड़फोड़
मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने विस्तृत पत्र में प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने 22 जुलाई 2026 को घटी गंभीर घटना का पूरा जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि उस दिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा सुनियोजित तरीके से सदाकत आश्रम का घेराव किया गया था।
कांग्रेस का आरोप है कि इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कार्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई, वहां मौजूद आम कर्मियों पर जानलेवा हमला किया गया और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। पत्र में इस बात पर भी विशेष जोर दिया गया है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि भाजपा द्वारा पूर्व में भी कई बार अमर्यादित ढंग से पार्टी मुख्यालय पर हमले किए जा चुके हैं, जिससे राजनीतिक माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है।
दोबारा बड़े हमले की आशंका से डरे हुए हैं पार्टी कर्मी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पत्र के माध्यम से अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस बात की प्रबल और गंभीर आशंका बनी हुई है कि भाजपा कार्यकर्ता भविष्य में कभी भी दोबारा सदाकत आश्रम को निशाना बना सकते हैं।
लगातार हो रहे इन हमलों और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कांग्रेस कार्यालय के अंदर काम करने वाले आम कर्मी, सुरक्षाकर्मी और स्थानीय नेता काफी ज्यादा सशंकित, असुरक्षित और डरे हुए हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी अधिक भयावह हो सकती है।
मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह
पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने मुख्यमंत्री से सादर और कड़ा आग्रह किया है कि भाजपा के संभावित अनुचित क्रियाकलापों, राजनीतिक उपद्रव और भविष्य के हमलों को पूरी गंभीरता से ध्यान में रखा जाए।
कांग्रेस ने मांग की है कि इसके मद्देनजर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय (सदाकत आश्रम) के चारों ओर पुलिस बल की स्थाई तैनाती की जाए और इसकी समुचित सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।


