​पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस बार EOU की रडार पर सिवान में पदस्थापित उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड हैं। गुरुवार सुबह से ही EOU की अलग-अलग टीमों ने इंस्पेक्टर के पटना, मुंगेर और सिवान स्थित पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।

​आय से अधिक संपत्ति का मामला

​प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। EOU के अनुसार अब तक की जांच में करीब 2 करोड़ 36 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति का पता चला है। भ्रष्टाचार निरोधक मामलों के विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद, EOU ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह दबिश दी है।

​इन 5 ठिकानों पर चल रही है तलाशी

​छापेमारी के दौरान EOU की विशेष टीमें निम्नलिखित स्थानों पर साक्ष्य जुटा रही हैं:

  • ​पटना: दानापुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर स्थित सरकारी आवास।
  • ​मुंगेर (पैतृक): कासिम बाजार थाना क्षेत्र के चंदनबाग स्थित आवास।
  • ​मुंगेर (व्यावसायिक): लल्लूपोखर स्थित व्यावसायिक भवन।
  • ​सिवान (कार्यालय): उत्पाद विभाग स्थित इंस्पेक्टर का सरकारी कार्यालय।
  • ​सिवान (आवासीय): चित्रगुप्त नगर में रजिस्ट्री ऑफिस के पीछे स्थित किराये का मकान।

​दस्तावेजों और निवेश की गहन जांच

​EOU के अधिकारी संबंधित ठिकानों पर मौजूद दस्तावेजों, बैंक खातों के विवरण, चल-अचल संपत्ति के कागजात और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड को बारीकी से खंगाल रहे हैं। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अधिकारी ने अपनी आय के मुकाबले संपत्ति का सृजन किस प्रकार किया।
​अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में तलाशी अभियान जारी है। छापेमारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बरामद संपत्ति का वास्तविक मूल्य और साक्ष्यों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद बिहार के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।

​भ्रष्टाचार पर लगाम की कोशिश

​बिहार में EOU लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चला रही है। यह मामला उस कड़ी का एक हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया और विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में, EOU की टीमें सभी ठिकानों पर सबूत इकट्ठा करने में पूरी तरह सक्रिय हैं।