Bihar Floods: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। राज्य के 14 जिले बाढ़ से अब भी प्रभावित हैं और लाखों लोग इसकी चपेट में हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया और अरवल के 84 प्रखंडों की 517 ग्राम पंचायतों में करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है।

डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा

बाढ़ का पानी अब कई जगहों पर कम होने लगा है, लेकिन इसके साथ नई परेशानियां सामने आने लगी हैं। पानी उतरने के बाद जगह-जगह गाद और कचरा जमा हो गया है। दूषित पानी के कारण डायरिया समेत दूसरी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर खास जोर दिया जा रहा है।

लोगों तक राहत सामाग्री पहुंचाने का काम जारी

बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी तेज किया गया है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 8 सितंबर को 22,938 ड्राई राशन पैकेट बांटे गए थे। 9 सितंबर को यह संख्या बढ़कर 29,437 हो गई। इसी तरह पॉलिथीन शीट का वितरण भी बढ़ाया गया है। 8 सितंबर को जहां 1,29,489 पॉलिथीन शीट बांटी गई थीं, वहीं 9 सितंबर तक यह आंकड़ा 1,99,814 पहुंच गया।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी इंतजाम बढ़ाए गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे चिकित्सा शिविरों की संख्या 386 से बढ़ाकर 557 कर दी गई है, ताकि पानी उतरने के बाद बीमारियों की आशंका के बीच लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

793 सामुदायिक रसोई में मिल रहा खाना

बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब राज्य में 793 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन रसोइयों के जरिए अब तक करीब 22.79 लाख लोगों को सुबह और शाम भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा 15 राहत शिविरों में 11,255 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की गई है।

1,872 नावें और SDRF-NDRF की टीमें तैनात

बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण और आवागमन के लिए 1,872 नावें चलाई जा रही हैं। वहीं, पशुओं के लिए अब तक 5,464 क्विंटल पशुचारा वितरित किया जा चुका है। राहत और बचाव अभियान में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें लगी हुई हैं।

गंगा का जलस्तर घटा, कोसी बैराज से बढ़ा पानी

उधर, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया है। यहां जलस्तर में कमी की प्रवृत्ति देखी गई है। हालांकि राज्य की कई नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कोसी बैराज से 1,63,525 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और इसमें बढ़ने की प्रवृत्ति बनी हुई है। मौसम विभाग ने भी राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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