सोहराब आलम/ मोतिहारी। बिहार में पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने के तमाम दावों के बावजूद तस्करी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्वी चंपारण में उत्पाद विभाग ने एक बेहद चौंकाने वाला मामला पकड़ा है। जिले के जीवधारा इलाके में तस्कर स्कूटी की डिक्की में शराब छुपाकर उसे ठिकाने तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन विभाग की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

​गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल

​उत्पाद विभाग को लंबे समय से इस बात की सूचना मिल रही थी कि यूपी से सटे इलाकों के रास्ते पूर्वी चंपारण में अवैध शराब की खेप पहुंचाई जा रही है। इसी के आधार पर विभाग ने जीवधारा के समीप एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। इस दौरान वहां से गुजरने वाली संदिग्ध गाड़ियों की सघन तलाशी ली जा रही थी।

​स्कूटी की डिक्की बनी स्मगलिंग बॉक्स

​चेकिंग के दौरान विभाग की टीम ने एक स्कूटी को रुकने का इशारा किया। स्कूटी सवार युवक ने भागने की कोशिश की लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया। जब स्कूटी की डिक्की की तलाशी ली गई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। डिक्की के अंदर बड़ी चालाकी से शराब के छोटे-छोटे पैकेट (फ्रूटी पैक) छुपाकर रखे गए थे। तलाशी में कुल 78 पीस फ्रूटी पैक शराब बरामद की गई।

​राजू राम हिरासत में, नेटवर्क की तलाश तेज

​मौके से पुलिस ने तस्कर राजू राम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह इस खेप को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का काम कर रहा था। फिलहाल उत्पाद विभाग राजू राम से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस शराब की आपूर्ति करने वाला मुख्य आपूर्तिकर्ता कौन है और यह खेप किन-किन लोगों को सप्लाई की जानी थी।
​उत्पाद विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। तस्कर अब बड़े वाहनों के बजाय छोटी गाड़ियों और स्कूटी का सहारा ले रहे हैं ताकि पुलिस को शक न हो। हालांकि इस गिरफ्तारी के बाद विभाग अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस तस्करी से जुड़े अन्य बड़े चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।