पटना। ​बिहार राज्य के कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने जेल प्रशासन में अहम फेरबदल किया है। हाल ही में पटना के आदर्श केंद्रीय कारा, बेउर में की गई सघन छापेमारी और कमियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस सख्ती के बीच विभाग ने चार अधिकारियों का स्थानांतरण सीधे बेउर जेल में कर दिया है। इसका उद्देश्य बेउर जेल की सुरक्षा को मजबूत और पारदर्शी बनाना है।

​उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी का तबादला

​कार्यहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय कारा पूर्णिया में सेवाएं दे रहे उपाधीक्षक सुधीर कुमार शर्मा का तबादला किया गया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पटना स्थित बेउर जेल में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग को उम्मीद है कि उनके अनुभव से जेल प्रबंधन और आतंरिक सुरक्षा प्रणाली में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेंगे।

तीन सहायक अधीक्षकों की तैनाती

उपाधीक्षक के अलावा, विभिन्न जेलों में कार्यरत तीन सहायक अधीक्षकों को भी बेउर जेल भेजा गया है। मंडल कारा समस्तीपुर की सहायक अधीक्षक ज्योति कुमारी को बेउर जेल भेजा गया है। इसी प्रकार, मंडल कारा मधुबनी में पदस्थापित राजीव रंजन और उपकारा शेरघाटी में कार्यरत प्रियतम प्रियदर्शी का भी तबादला बेउर जेल में हुआ है। इससे निगरानी तंत्र पैना होगा।

​व्यवस्था में सुधार की कवायद

​गौरतलब है कि पिछले दिनों बेउर जेल के अंदर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा बड़ी छापेमारी की गई थी। उस दौरान कई आपत्तिजनक चीजें मिलने और वहां की खामियां उजागर होने के बाद सख्त कार्रवाई की गई थी। इसी कड़ी में नए अधिकारियों की तैनाती को व्यवस्था पटरी पर लाने की दिशा में महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

​तत्काल योगदान का सख्त निर्देश

​कारा विभाग के आदेश में सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे बिना देरी के तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित करें। यह महत्वपूर्ण फैसला पूरी तरह से प्रशासनिक आवश्यकता और जेल प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, जवाबदेह तथा सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।