Bihar News: पटना के ज्ञान भवन में आयोजित रोजगार मेले में चयनित एक महिला अभ्यर्थी ने उसके खिलाफ चलाए गए मीडिया रिपोर्टिंग पर गहरा दुख जताया है। अभ्यर्थी ने यह आरोप लगाया है कि उस संस्थान के रिपोर्टर द्वारा बिना उसकी अनुमति वीडियो बनाकर उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। इस मुद्दे ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। राजद ने जहां खबरों का हवाला देते हुए बिहार सरकार पर निशाना साधने का काम किया है। वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने अभ्यर्थी द्वारा जारी बयान को लेकर राजद को जवाब देने का काम किया है।
बिहार बीजेपी ने राजद और तेजस्वी को दिया जवाब
बिहार बीजेपी ने राजद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को जवाब देते हुए एक्स पर लिखा कि, नए बिहार की निर्भीक बेटी ने सामने आकर राजद के झूठ की पोल खोल दी। बिहार बीजेपी ने लिखा कि, राजद ने संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन बेटी ने खुद अपने सम्मान की रक्षा के लिए सामने आकर पूरी सच्चाई बता दी। बेटी ने यौन शोषण की बात नहीं कही थी, शिकायत कुछ और थी। बेटी की बात को तोड़-मरोड़कर पेश कर उसके सम्मान को राजनीति का हथियार बनाना बेहद शर्मनाक है।
तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
दरअस एक मीडिया संस्थान द्वारा यह खबर चलाया गया कि रोजगार मेले में चयनित एक महिला अभ्यर्थी को एक कमरे में बंद कर उससे कॉल गर्ल का काम कराया गया। इस खबर का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव ने एक्स पर लिखा कि, सम्राट चौधरी के CM बनने के बाद अब मुख्यमंत्री पद की विश्वसनीयता और गरिमा इतनी रह गई है कि मुख्यमंत्री अपने हाथों से फर्जी कंपनियों के ऐसे जॉइनिंग लेटर बांट रहे हैं जो बिहार की बच्चियों को देह व्यापार में धकेल रही हैं? CM ने Joining लेटर ICU नर्स का दिया और कंपनी काम Call Girl का कराने लगी। शर्मनाक!
CM हल्का और अंदर से थोथा है- तेजस्वी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि, क्या हमारी बहन-बेटियों को गुमराह करने के लिए सम्राट चौधरी को BJP/RSS ने Selected CM बनाया है? जब अधिकारियों को यह आभास हो जाता है कि CM हल्का है, अंदर से थोथा है। ज्ञान है नहीं लेकिन जुबान अधिक चलाता है तो फिर अधिकारी CM से फर्जी कंपनियों की आड़ में सुपारी किलिंग, अवैध हथियार, अवैध शराब, नशीले पदार्थ, सूखे नशे, परीक्षा माफिया, मानव तस्करी, बच्चा चोरी इत्यादि से जुड़े गिरोहों में भी युवक-युवतियों की भर्ती करा जॉइनिंग लेटर बंटवाना शुरू करवा ही देंगे। उन्होंने कहा कि, नौकरशाही में चर्चाएं है कि अधिकारी लोग भी CM के पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर उनसे वही काम करवा रहे है।
राजद ने भी उठाया सवाल
वहीं, राजद ने भी अपने ऑफिशियल एक्स पेज पर लिखा कि, जॉइनिंग लेटर बांटते हुए फोटो खिंचवाने की भूख में सम्राट चौधरी किसी भी फर्जी कंपनी का जॉइनिंग लेटर मासूम बच्चियों को थमा देंगे? और जब यही फर्जी कंपनियां बच्चियों को देह व्यापार में धकेलने की कोशिश करेंगे तो बेशर्म, निर्लज्ज मुख्यमंत्री सुनवाई करने के बजाय, दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मुंह फेर लेंगे?
राजद ने कहा कि, किस अधिकारी ने देह व्यापार वाली गैंग की कंपनी का नाम तथाकथित जॉब फेयर वाली कंपनियों के नाम के साथ जोड़ा? बिहार के भ्रष्ट अधिकारियों को फर्जी कंपनियों का कौन सा “एहसान” उतारना था यह मुख्यमंत्री को बताना चाहिए? यह जॉब फेयर था या सम्राट सरकार का बिहार के साथ एक और मजाक?
विभाग ने जांच टीम का किया गठन
मामले के तूल पकड़ने पर बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग ने एक जांच टीम का गठन किया है। जांट टीम ने महिला अभ्यर्थी से मिलकर पूरे मामले की जानकारी ली है। विभाग के मुताबिक महिला अभ्यर्थी ने बताया कि, रोजगार मेले में उसने अपना पंजीकरण कराया था। प्रक्रिया के दौरान नर्सिंग स्टाफ के रूप में उनकी योग्यता को देखते हुए संबंधित कंपनी द्वारा उन्हें आईसीयू नर्सिंग स्टाफ पद के लिए चुना गया और तुरंत नियुक्ति पत्र सौंपा गया था।
अभ्यर्थी के मुताबिक नियुक्ति पत्र के साथ जब वे कार्यस्थल पर पहुंचे, तो उन्हें 8 घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम करने के लिए कहा गया। उनके साथ उनके पति भी दिल्ली में गए हुए थे। अभ्यर्थी ने बताया कि मरीज की देखभाल और रहने-खाने की व्यवस्था से संतुष्ट न होने के कारण वह और उनके पति वहां से वापस बिहार आने का फैसला किया।
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