Bihar news: बिहार सरकार ने राज्य की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन की तैयारी कर ली है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों और 46 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को हाइटेक बनाने की महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना है, बल्कि बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाना है।

​सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आधुनिक बुनियादी ढांचा

​नई नीति के तहत राज्य के सभी 46 पॉलिटेक्निक संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। इन संस्थानों में आधुनिक तकनीक और उद्योग-आधारित प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही, तकनीकी संस्थानों को स्थानीय विज्ञान केंद्रों और साइंस पार्कों से जोड़ा जाएगा ताकि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी मिले।

​इंडस्ट्री से जुड़ाव और रोजगार की गारंटी

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभागीय उच्चस्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तकनीकी शिक्षा को सीधे उद्योगों और नवाचार (इनोवेशन) से जोड़ा जाए। वर्तमान में इन 84 संस्थानों में 31,796 सीटें (इंजीनियरिंग में 14,553 और पॉलिटेक्निक में 17,243) स्वीकृत हैं। सरकार की योजना इन संस्थानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योगों से जोड़ने की है, जिससे छात्रों का कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित हो सके। इसके लिए नियमित वर्कशॉप, सेमिनार और विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र पढ़ाई के दौरान ही इंडस्ट्री के लिए तैयार हो सकें।

​बाहरी राज्यों के छात्रों के लिए भी आकर्षण

​सरकार का विजन बिहार के छात्रों को राज्य में ही विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराना है। डिजिटल युग को देखते हुए संस्थानों की वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अपग्रेड किया जा रहा है। पारदर्शी नामांकन प्रक्रिया और बेहतर प्लेसमेंट रिकॉर्ड के प्रचार-प्रसार से सरकार का लक्ष्य अन्य राज्यों के मेधावी छात्रों को भी बिहार की ओर आकर्षित करना है।
​विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने बताया कि नई कार्ययोजना से शैक्षणिक माहौल में सुधार होगा और बिहार के युवाओं को पलायन करने की मजबूरी नहीं रहेगी। डिजिटल प्लेटफॉर्म और समर्पित ट्रेनिंग सेंटर्स के माध्यम से छात्रों को हर छोटी-बड़ी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। यह पहल बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए मुकाम पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे राज्य में औद्योगिक क्रांति को भी बल मिलेगा।