Bihar Today Weather: बिहार में बीते कई दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने आज गुरुवार 3 सितंबर 2026 को कई जिलों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आंधी और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। खराब मौसम के दौरान मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

भारी बारिश को लेकर इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने खासतौर पर पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम के ज्यादा खराब रहने की संभावना जताई है। विभाग की ओर से किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में झमाझम बारिश होने के साथ ही आंधी और तूफान आ सकता है, जिससे आम जनजीवन समेत खते में लगी फसलों पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं, राजधानी पटना के मौसम की बात करे तो यहां, आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इसके साथ ही कुछ इलाकों में बारिश होने की भी संभावना है।

सीवान और बक्सर समेत इन जिलों में येलो अलर्ट

वहीं पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी बिहार के पश्चिम चंपारण, भागलपुर सीवान, बक्सर, रोहतास, और जमुई समेत अन्य कई जिलों में येलो अलर्ट किया गया है। इन इलाकों में अचानक तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका जाहिर की गई है, जिसे लेकर विभाग ने इस दौरान लोगों को सर्तक और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है। चेतावनी के बीच मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही लोगों को मौसम विभाग की अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह सिलसिला 5 सितंबर तक जारी रह सकता है।

उफान पर कई नदियां, बाढ़ जैसे हालात

बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और पड़ोसी राज्य (झारखंड) के पहाड़ी इलाकों से आ रहे पानी के कारण कोसी, गंडक, सोन समेत कई नदियां उफान पर हैं। वहीं, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास समेत कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए है। अदरी और पुनपुन समेत अन्य स्थानीय नदियों का भी जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नीचले इलाकों में पानी भरने और बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने के कारण ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। कई जगहों पर तो घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोग पलायन करने को मजबूर हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के तटीय इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसे मौसम में हुए इस बदलाव की मुख्य वजह बताया जा रहा है। इसके असर से यहां कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना है। हालांकि 5 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव होने के संकेत हैं।

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