Weather update: बिहार में मानसून की दस्तक के बावजूद राज्य भीषण गर्मी, उमस और प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से जूझ रहा है। एक तरफ जहां 14 जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी है वहीं दूसरी तरफ मंगलवार को हुई आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली (ठनका) के कारण 11 लोगों की असामयिक मृत्यु ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
हीटवेव का प्रकोप और स्कूलों में अवकाश
मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए बिहार के 14 जिलों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। भीषण गर्मी के मद्देनजर मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी कुमार गौरव ने 27 जून तक कक्षा 8वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। हालांकि, 8वीं से ऊपर की कक्षाएं सुबह 10 बजे तक संचालित हो सकेंगी। विभाग ने नागरिकों को दोपहर में बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। बीते 24 घंटों में कैमूर और बक्सर 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य के सबसे गर्म जिले रहे।
आकाशीय बिजली और आंधी का कहर
मंगलवार शाम अचानक बदले मौसम ने भयावह रूप ले लिया। आंधी-तूफान और वज्रपात की चपेट में आने से 11 लोगों की जान चली गई। भागलपुर में 5, बांका में 3, जबकि मुंगेर, कटिहार और बेगूसराय में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। मृतक अधिकांशतः मवेशी चराने या खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोग थे। भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर पोल गिरने से एक दूध विक्रेता की भी दुखद मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
मानसून की स्थिति और राहत की उम्मीद
फिलहाल राज्य में मानसूनी परिस्थितियां पूर्णतः अनुकूल नहीं हैं, जिसके कारण झमाझम बारिश का दौर शुरू नहीं हो सका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। हालांकि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण आने वाले कुछ दिनों में मौसमी बदलाव के संकेत हैं। उम्मीद है कि यदि स्थितियां अनुकूल रहीं, तो मानसून पुनः सक्रिय होगा और व्यापक बारिश से राज्य को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

