पटना। ​बिहार के पटना जिले के दुल्हिन बाजार थाना क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। बिहार राज्य महिला आयोग में पहुंची एक पीड़िता ने आरोप लगाया है कि पारिवारिक दबाव में अपने देवर से शादी करने के बाद अब उसका जीवन नरक बन गया है। मामला केवल घरेलू कलह तक सीमित नहीं बल्कि जानलेवा धमकियों तक पहुंच गया है।

​पहली त्रासदी और मजबूरन दूसरी शादी

​पीड़िता की पहली शादी वर्ष 1990 में हुई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश 1992 में उनके पति का मध्य प्रदेश में असामयिक निधन हो गया। पति की मौत के कारणों का पता आज तक नहीं चल सका है। इसके बाद, ससुराल वालों के भारी दबाव के चलते पीड़िता ने 1998 में अपने से 10 साल छोटे देवर से शादी कर ली। परिवार का तर्क था कि घर की संपत्ति और रिश्ते घर के भीतर ही सुरक्षित रहेंगे।

​सौतन की धमकियां और पति का अत्याचार

​शादी के सात साल बाद, 2005 में दंपति को एक बेटी हुई। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 2010 में पति ने दूसरी शादी कर ली, जिसके बाद पीड़िता के लिए घर में रहना दूभर हो गया। पीड़िता का आरोप है कि अब उसका पति और उसकी दूसरी पत्नी मिलकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
​सबसे गंभीर आरोप यह है कि सौतन द्वारा उनकी बेटी को तेजाब से नहलाने और पेट्रोल छिड़कर जिंदा जलाने की धमकियां दी जा रही हैं। इसके अलावा, पति न तो घर खर्च के लिए पैसे देता है और न ही बेटी की पढ़ाई या स्वास्थ्य का ध्यान रखता है।

​बेटी की शादी पर गतिरोध

​पीड़िता का मुख्य उद्देश्य अपनी बेटी का भविष्य सुरक्षित करना है। बेटी अब विवाह योग्य हो चुकी है, लेकिन सौतन इस शादी में रोड़े अटका रही है। वहीं, आरोपी पति का तर्क है कि यदि पत्नी उस पर दर्ज मुकदमे वापस ले ले, तो ही वह बेटी की शादी में आर्थिक मदद करेगा। उसने आरोप लगाया कि उसे भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

​महिला आयोग का सख्त रुख

​बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसे एक संवेदनशील पारिवारिक त्रासदी माना है। आयोग ने आरोपी पक्ष को समन जारी कर दिया है। 12 अगस्त को होने वाली आगामी सुनवाई में दोनों पक्षों को बुलाया गया है, ताकि सुलह का रास्ता निकाला जा सके और पीड़िता व उसकी बेटी को न्याय मिल सके।