पटना‌। रविवार की देर शाम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए एक कंटेनर ट्रक को अपने कब्जे में लिया, जिसमें क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर सैकड़ों मवेशियों को बंगाल ले जाया जा रहा था। इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से चार तस्करों को भी हिरासत में लिया है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

​गुप्त सूचना पर बिहटा पुलिस की कार्रवाई

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहटा थाना पुलिस को रविवार को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि आरा की तरफ से एक संदिग्ध कंटेनर ट्रक पटना की ओर आ रहा है। इस ट्रक के अंदर भारी मात्रा में मवेशियों को अवैध रूप से भरकर पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बिहटा चौक के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान जब पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर के एक संदिग्ध कंटेनर ट्रक को रुकने का इशारा किया, तो चालक ने पुलिस को चकमा देकर भागने की कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसका पीछा किया और कुछ ही दूरी पर ट्रक को घेरकर अपने कब्जे में ले लिया।

​कंटेनर के भीतर अमानवीय स्थिति में मिले मवेशी

​जब पुलिस ने पकड़े गए कंटेनर ट्रक का पिछला दरवाजा खोलकर तलाशी ली, तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। उस बड़े कंटेनर के अंदर करीब 300 से 400 मवेशी और उनके छोटे बच्चे अमानवीय और घुटन भरी स्थिति में ठूंस-ठूंसकर भरे गए थे। लंबे सफर और हवा-पानी की कमी के कारण कई मवेशियों की हालत बेहद नाजुक और दयनीय हो चुकी थी। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत त्वरित कदम उठाते हुए सभी मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनका रेस्क्यू किया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन बेजुबान पशुओं को अवैध तरीके से वध या अन्य उद्देश्यों के लिए उत्तर प्रदेश के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचाया जा रहा था।

​मौके पर उमड़ी भीड़ और स्थानीय लोगों का हंगामा

​इस बड़ी कार्रवाई की खबर जैसे ही आसपास के क्षेत्रों और स्थानीय लोगों तक पहुंची, बिहटा चौक पर भारी भीड़ जमा हो गई। इतनी बड़ी संख्या में मवेशियों की तस्करी और उनकी दयनीय स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति के बेकाबू होने की आशंका को देखते हुए बिहटा थानाध्यक्ष अमित कुमार तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बेहद सूझबूझ और तत्परता का परिचय देते हुए आक्रोशित लोगों को समझाया-बुझाकर शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को आश्वासन दिया कि इस अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

​उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं चारों आरोपी तस्कर

​बिहटा थाना प्रभारी अमित कुमार ने मीडिया को पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को लगातार अवैध पशु तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी कड़ी में रविवार को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। हिरासत में लिए गए चारों आरोपी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के निवासी हैं, जो इस पूरे सिंडिकेट का हिस्सा बनकर मवेशियों को बंगाल ले जा रहे थे। फिलहाल, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां पकड़े गए आरोपियों से गहराई से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है या नहीं। जब्त किए गए कंटेनर ट्रक को थाने लाया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से की जा रही है।