चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। मजीठिया पर अपने एक साथी को मजीठिया पुलिस स्टेशन से जबरन छुड़ाने की कोशिश और थाने में हंगामा करने का गंभीर आरोप है। इस मामले में आज (3 जून) पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दोबारा सुनवाई होने जा रही है, जहां पंजाब सरकार के सरकारी वकील अदालत में अपना लिखित जवाब दाखिल करेंगे।
क्या है पूरा मामला? पॉइंट-टू-पॉइंट समझें
30 मई: नगर निगम चुनाव के दौरान मजीठिया पुलिस ने अकाली दल के कार्यकर्ता जोबनप्रीत (जोबनजीत) सिंह को सोहियां कलां से गिरफ्तार किया था (एफआईआर नंबर 90)।
31 मई (सुबह 11:30 बजे): पूर्व विधायक बिक्रम मजीठिया अपने 50-60 समर्थकों की भारी भीड़ के साथ मजीठिया पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि मजीठिया और उनके समर्थक जबरन थाने के अंदर और पूछताछ रूम में घुस गए। उन्होंने वहां हंगामा किया, हथियार लहराए, केस की फाइलें फाड़ दीं और आरोपी जोबनप्रीत को पुलिस हिरासत से जबरन छुड़ाने की कोशिश की।
1 जून (थाने पर केस और हाई कोर्ट का रुख): इस घटना के बाद अमृतसर पुलिस ने मजीठिया और उनके साथियों के खिलाफ एक नया केस दर्ज किया। मजीठिया की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 12 टीमें तैनात की गईं। गिरफ्तारी और छापेमारी से बचने के लिए अकाली दल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मजीठिया की गिरफ्तारी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। पहली सुनवाई में हाई कोर्ट ने पंजाब के डीजीपी और अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इसी शाम मजीठिया के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी कर दिया गया।
2 जून (सरकार ने मांगा समय): मजीठिया की याचिका पर दोबारा सुनवाई हुई। अकाली दल के वकीलों ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध और मनगढ़ंत बताया। वहीं, पंजाब सरकार के वकीलों ने विस्तृत और लिखित जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से और समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई 3 जून तय की।

मजीठिया ‘कागजी शेर’ हैं, सामने आएं: मुख्यमंत्री भगवंत मान
इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखा तंज कसा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि मजीठिया सिर्फ एक कागजी शेर हैं। उन्होंने अपने समर्थकों और लोगों को मुसीबत में डाल दिया और खुद भूमिगत (रुपोश) हो गए। हर समय अपनी मूंछों पर ताव देने वाले नेता को अब सामने आना चाहिए। जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या मजीठिया ने पुलिस स्टेशन में घुसकर अजनाला कांड (अमृतपाल सिंह मामले) की तरह हमला किया था, तो मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कानून के मुताबिक सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- एक वोट ने बदली बाजी, 15 साल बाद पलटा बोर्ड… सवाई माधोपुर जिले के निकाय चुनाव में किसका चला सिक्का?
- Kunal Khemu की Vibe ने पकड़ी रफ्तार, रविवार को फिल्म ने दिया सबसे बड़ा कलेक्शन
- Airtel ने अपने इस प्लान में किया बड़ा बदलाव, डेटा बढ़ा लेकिन वैलिडिटी हुई आधी
- Railway UPI Ticket Booking: 15 अक्टूबर से बदलेगा नियम, ₹2,000 से ज्यादा के टिकट पर लगेगा ₹5 MDR
- जमुई की घटना पर शर्मिंदा हैं तेजस्वी, CM सम्राट चौधरी को याद दिलाया उनका पुराना बयान


