कुलदीप सिंह, फतेहपुर. जिले के हथगांव विकास खंड मुख्यालय पर सोमवार को एंटी करप्शन टीम, प्रयागराज ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनरेगा के संविदा ऑपरेटर हाफिजुर रहमान को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया. दिनदहाड़े हुई इस कार्रवाई से ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया.
बता दें कि ग्राम पंचायत सुरजीपुर के ग्राम प्रधान संतोष कुमार यादव अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाए थे, लेकिन ब्लॉक स्तर से उनका भुगतान अटकाया जा रहा था. आरोप है कि इसी भुगतान को जारी करने के नाम पर संविदा ऑपरेटर हाफिजुर रहमान द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी. उत्पीड़न से तंग आकर ग्राम प्रधान ने दो दिन पूर्व ही पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम, प्रयागराज से कर दी थी. योजना के मुताबिक, प्रयागराज से आई एंटी करप्शन टीम पहले ही सिविल ड्रेस में ब्लॉक परिसर के भीतर मुस्तैद हो गई थी.
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तय योजना के तहत जैसे ही प्रधान संतोष कुमार यादव ने ब्लॉक पहुंचकर ऑपरेटर हाफिजुर को 50,000 रुपये दिए और बाहर आकर टीम को इसकी सूचना दी. टीम ने तुरंत ब्लॉक के भीतर धावा बोल दिया. अधिकारियों ने संविदा कर्मी की जेब से 50 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए और उसे हिरासत में लेकर अपने साथ ले गए.
वहीं कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुगबुगाहट तेज हो गई है. स्थानीय लोगों और जानकारों का मानना है कि एक संविदा कर्मी अकेले इतने बड़े पैमाने पर रिश्वत का सौदा नहीं कर सकता. चर्चा है कि इस प्रकरण में कुछ अन्य विभागीय अधिकारियों की भी संलिप्तता हो सकती है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए.
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कार्रवाई के वक्त ब्लॉक परिसर में एडीओ पंचायत डॉ. अनुपम शर्मा और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मनभावन शास्त्री सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद थे. वहीं, इस पूरी कार्रवाई के दौरान खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राहुल मिश्रा ब्लॉक से नदारद रहे. एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से भ्रष्ट तंत्र में भारी खलबली मची हुई है.


