​पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आपातकाल के दौर को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय करार देते हुए 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर पार्टी राज्य से लेकर मंडल स्तर तक विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगी जिसका मुख्य उद्देश्य आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले जेपी सेनानियों को सम्मानित करना है।

​पटना में मुख्य समारोह और नड्डा की उपस्थिति

​कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल और पवन जायसवाल ने बताया कि मुख्य राज्य-स्तरीय आयोजन पटना के ज्ञान भवन में होगा। इस भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और लगभग 450 जेपी सेनानियों को सम्मानित करेंगे। पटना के अतिरिक्त दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में भी बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें केंद्रीय और प्रदेश के वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति रहेगी।

​डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में पखवाड़ा

​पवन जायसवाल जिन्हें इस प्रदेशव्यापी कार्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपी गई है ने बताया कि 25 जून के कार्यक्रमों के अलावा पार्टी 23 जून से 6 जुलाई तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और जयंती के उपलक्ष्य में विशेष अभियान चलाएगी।

  • ​बूथ स्तर पर कार्यक्रम: 23 जून, 28 जून और 6 जुलाई को प्रदेश के करीब 90 हजार बूथों पर डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
  • ​कार्यकर्ता सम्मेलन: 30 जून से 6 जुलाई के बीच राज्य के सभी 52 संगठनात्मक जिलों में व्यापक कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

​युवा और महिला मोर्चा की सक्रिय भागीदारी

​पार्टी के युवा मोर्चा और महिला मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न प्रमंडलों में छात्र सम्मेलनों का भी आयोजन किया जाएगा। इनमें राजगीर, शेरघाटी, बिक्रमगंज, हरिहरनाथ, मधेपुरा और मोतिहारी जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इन कार्यक्रमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर चार और मंडल स्तर पर तीन-तीन विशेष टोलियों का गठन किया गया है, जो जमीनी स्तर पर समन्वय का कार्य करेंगी।
​भाजपा का यह प्रयास जहां एक ओर आपातकाल के इतिहास को नई पीढ़ी के सामने रखने का है, वहीं दूसरी ओर अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मान देकर पार्टी संगठन को और अधिक एकजुट करने की रणनीति भी है।