सिरसा। हरियाणा के सिरसा (Sirsa) जिले के रानिया क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। दो दिन पहले बणी गांव के पास से होकर गुजरने वाली राजकनाल नहर (Rajcanal) में डूबे दोनों नाबालिग किशोरों के शव राजस्थान के हनुमानगढ़ इलाके से बरामद कर लिए गए हैं। शनिवार सुबह राजस्थान पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर टिब्बी के सिविल अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया, जिसके बाद शवों को गांव लाया गया। दोनों बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
नहर में नहाने गए थे 10 दोस्त, तेज बहाव में बह गए दो मासूम
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार (वीरवार) को हुआ था, जब बणी गांव के 10 दोस्त बाइक पर सवार होकर राजकनाल नहर में नहाने के लिए निकले थे। नहाते समय अचानक पानी का बहाव तेज हो गया। आठ दोस्त तो किसी तरह सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन दो किशोर पानी के तेज करंट की चपेट में आ गए और बह गए।
लोकल रिपोर्टर के मुताबिक: मृतकों की पहचान 17 वर्षीय मोहित और 14 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई है। सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह है कि मोहित और मनीष दोनों ही अपने-अपने माता-पिता की इकलौती संतान (Only Child) थे। दोनों के चले जाने से उनके परिवारों के चिराग बुझ गए हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हनुमानगढ़ के पास अलग-अलग जगहों से मिले शव
हादसे के बाद से ही राजस्थान पुलिस और स्थानीय गोताखोरों (Divers) की टीमें लगातार दो दिनों तक सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई थीं। शुक्रवार रात को दोनों किशोरों के शव राजस्थान सीमा के भीतर बरामद हुए। पहला शव हनुमानगढ़ के पास स्थित दूड़ा पुल से बरामद किया गया। वहीं, दूसरा शव मसीतां हेड के पास राठी खेड़ा गांव की ओर जाते समय हनुमान जी के मंदिर के पास बने पुल के बीच फंसा मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि बच्चों के नहर में जाने की जानकारी किसी को नहीं थी। वे मुख्य रोड और पुल से काफी दूर जाकर नहा रहे थे, जिस वजह से सड़क से गुजरने वाले किसी ग्रामीण की नजर उन पर नहीं पड़ी, वरना उन्हें रोक लिया जाता।
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी पुलिस
इस दुखद घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सिरसा की करीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि चूंकि शव राजस्थान सीमा में मिले हैं, इसलिए आगे की कानूनी कागजी कार्रवाई राजस्थान की टिब्बी थाना पुलिस (Tibbi Police Station) द्वारा की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के हादसों को रोकने के लिए अब पुलिस की टीमें ग्रामीण इलाकों में जाकर विशेष जागरूकता अभियान (Awareness Campaign) चलाएंगी। ग्रामीणों और माता-पिता को समझाया जाएगा कि वे गर्मी के मौसम में बच्चों को अकेले नहरों या नदियों में नहाने के लिए न जाने दें, ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा दोबारा न हो।

