दीपक सोहले, बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के कलेक्टर हर्ष सिंह को हाईकोर्ट के जबलपुर खंडपीठ ने अवमानना का नोटिस जारी किया है। सीधे सवाल दागा है कि “जब 28 जनवरी 2024 को कार्रवाई पर रोक थी, तो 9 दिसंबर 2025 को 4500 छात्रों वाले स्कूल को बेदखली का आदेश किस आधार पर जारी किया गया?
मिल की जमीन पर स्कूल संचालन का मामला
दरअसल जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कलेक्टर की कार्रवाई को अदालत के आदेश की खुली अवहेलना माना। मामला ताप्ती मिल की जमीन पर चिल्ड्रन एजुकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित नेहरू मॉन्टेसरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल से जुड़ा है। जहां चिल्ड्रन्स एजुकेशन सोसायटी की हाईकोर्ट में दलील है कि ताप्ती मिल केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए कलेक्टर को बेदखली का अधिकार नहीं है।
अगली सुनवाई 24 फरवरी को
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी से प्रशासन में खलबली है, वहीं स्कूल प्रबंधन और सोसायटी ने मीडिया से दूरी बना ली है। उनका कहना है कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इसलिए किसी भी विषय पर बयानबाजी नहीं करेंगे। हालांकि अब अगली सुनवाई 24 फरवरी को है अब सबकी नजर हाईकोर्ट के अगले फैसले पर है।


