Delhi SIR: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग (election Commission) वोटर लिस्ट रिवीजन (Voter List Revision) यानी मतदाता सूची संशोधन करवा रहा है। वहीं अब दिल्ली में 30% वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से कटने का अंदेशा उत्पन्न हो गया है। दिल्ली में SIR के तहत एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की 17 अगस्त आखिरी तारीख है। लेकिन 30% से ज्यादा फॉर्म अब तक वापस नहीं आए हैं। वहीं 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होगी। 30% से ज्यादा फॉर्म नहीं पहुंचने पर 24 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में बड़ी संख्या में नाम गायब दिख सकते हैं।
हालांकि चुनाव आयोग के मुताबिक ड्राफ्ट लिस्ट में नाम नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का वोट हमेशा के लिए खत्म हो गया। इसके बाद भी दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा और पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम सूची में शामिल किए जा सकेंगे।

इलेक्शन कमीशन के मुताबिक SIR के तीसरे चरण का गणना चरण 30 जून 2026 से शुरू हुआ था और 17 अगस्त 2026 तक चलेगा। दिल्ली में जुलाई तक 1,45,10,299 पंजीकृत मतदाता थे। सभी मतदाताओं तक एन्यूमरेशन फॉर्म पहुंचाने का काम पूरा किया जा चुका है। यानी फॉर्म वितरण 100 प्रतिशत रहा है। असली चुनौती अब फॉर्म वापस लेने और उनका सत्यापन करने की है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 32 प्रतिशत मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन अभी बाकी है। 17 अगस्त को फॉर्म जमा करने और ऑनलाइन सबमिशन की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
दिल्ली में अब तक 96,85,155 एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज
14 अगस्त 2026 को शाम 8 बजे जारी संचयी स्थिति रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अब तक 96,85,155 एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। यह कुल 1,45,10,299 मतदाताओं का 66.75 प्रतिशत है। इसका मतलब साफ है कि फॉर्म वितरण का काम पूरा होने के बावजूद डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया अभी अंतिम चरण में नहीं पहुंची है।
1.45 करोड़ मतदाताओं को वितरित किए गए फॉर्म
24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होनी है। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर करीब 30 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं के नाम इस प्रारंभिक सूची में शामिल नहीं होने की आशंका है। अधिकारियों के अनुसार 1.45 करोड़ मतदाताओं को वितरित किए गए फॉर्म में से 30 प्रतिशत से अधिक अभी तक एकत्र नहीं हो पाए हैं। इसके पीछे अनुपस्थित रहने, दूसरी जगह चले जाने, मृत्यु और डुप्लीकेट मतदाता जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
गैर-एकत्रित फॉर्म में करीब 75 प्रतिशत ऐसे मतदाताओं के बताए जा रहे हैं, जो अपना पता बदलकर दूसरी जगह जा चुके हैं। दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग किराए के मकानों में रहते हैं और मकान बदलने के बाद वोटर कार्ड में नया पता अपडेट नहीं कराते हैं। ऐसे में पुराने पते पर मौजूद मतदाता का सत्यापन मुश्किल हो जाता है।
नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं आया तो खत्म नहीं होगा वोट
चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम छूटने का मतलब स्थायी रूप से मतदाता सूची से बाहर होना नहीं है। 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। यदि कोई पात्र मतदाता नए पते पर नाम दर्ज कराना चाहता है तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मतदाताओं के नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। यह अंतिम सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। इसलिए जिन मतदाताओं का नाम 24 अगस्त की ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं मिलता है, उनके लिए 23 सितंबर तक की अवधि बेहद महत्वपूर्ण होगी।
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