शिमला/रोहतक। शिमला के चर्चित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। शिमला पुलिस ने बुधवार सुबह रोहतक से मनीषा के छोटे भाई हिमांक मित्तल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि करोड़ों रुपये की स्कूल संपत्ति पर कब्जा करने के लिए हिमांक ने अपनी बहन की हत्या की पूरी साजिश रची और खुद पर शक से बचने के लिए अपने दोस्त के जरिए शूटर्स को सुपारी दी।
रोहतक से दबोचा गया आरोपी भाई
बुधवार सुबह शिमला पुलिस की टीम रोहतक स्थित नेहरू कॉलोनी पहुंची, जहां से हिमांक मित्तल को हिरासत में लिया गया। मेडिकल जांच के बाद पुलिस उसे अपने साथ शिमला ले गई।
10.3 एकड़ में फैले स्कूल की संपत्ति बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच के अनुसार, वर्ष 2005 में धर्मपाल मित्तल ने 10.3 एकड़ में फैले सरस्वती पैराडाइज स्कूल की स्थापना की थी। स्कूल के संचालन के लिए बनी सोसायटी में वर्ष 2007 में मनीषा मित्तल को उपाध्यक्ष बनाया गया था। पुलिस का कहना है कि हिमांक शुरू से ही स्कूल और उसकी करोड़ों की संपत्ति पर अकेले नियंत्रण चाहता था और इसी रंजिश ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।
सोसायटी पर कब्जे की भी थी साजिश
जांच में सामने आया है कि हिमांक ने अपने करीबी लोगों को सोसायटी का सदस्य बनाकर अध्यक्ष बनने की योजना बनाई थी। इस साजिश में गिरफ्तार आरोपी गोविंद भी सोसायटी का सदस्य बताया गया है।
दोस्त के जरिए शूटर्स को दी सुपारी
शिमला पुलिस के मुताबिक, हिमांक ने अपने दोस्त और जिम संचालक गोविंद को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी। गोविंद ने दो शूटरों आशीष अहलावत और दीपक की व्यवस्था की। दोनों शूटरों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
स्कूल के CCTV का था एक्सेस
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि हिमांक के पास स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था। इसी के जरिए मनीषा की गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। बाद में यह जानकारी गोविंद के माध्यम से शूटर्स तक पहुंचाई गई और स्कूल के बाहर हत्या को अंजाम दिया गया।
हत्या से पहले ट्रांसफर किए लाखों रुपये
जांच एजेंसियों के अनुसार, हिमांक ने हत्या से पहले गोविंद के खाते में करीब 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए। वहीं शूटर्स को बैंक खाते के जरिए करीब 20 हजार रुपये और लगभग 50 हजार रुपये नकद दिए गए।
पुलिस के मुताबिक, गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल कार उपलब्ध कराई और हत्या से दो दिन पहले विदेश चला गया। लौटने के बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और छिपने का प्रयास किया।
पहले से चल रहा था भाई-बहन में विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि माता-पिता के निधन के बाद वर्ष 2020 से स्कूल की सोसायटी और संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच विवाद गहराता गया था। मनीषा मित्तल ने कई बार सार्वजनिक रूप से हिमांक पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने, करोड़ों रुपये के गबन और सोसायटी चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे।
13 जून को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 13 जून 2026 को शिमला में मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक हिमांक मित्तल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।

