सतीश सिंह, बुलंदशहर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में 574 करोड़ से ज्यादा लागत की 57 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, माफियाओं और भय के माहौल के लिए जाना जाता था, लेकिन आज प्रदेश सुरक्षा, सुशासन और विकास की नई पहचान बन चुका है. मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि उनकी सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया है.
मुख्यमंत्री ने कहा “हमने कहा था माफिया को मिट्टी में मिलाएंगे, मिलाकर दिखा दिया. हमने कहा था कि बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर किसी ने सेंध लगाई तो उसके लिए दो ही जगह होंगी, या तो जेल होगी या फिर जहन्नुम होगा, तीसरी कोई जगह नहीं होगी.” उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने संवैधानिक और नैतिक कर्तव्यों का पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन किया है.
इसे भी पढ़ें : गुंडई करोगे तो यही हश्र होगा! पुलिस मुठभेड़ में लूट के 2 बदमाश ढेर, 2 सिपाही भी घायल, जानिए खाकी ने कैसे किया खात्मा…
सीएम योगी ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में भय और दहशत का माहौल था. तत्कालीन सरकार के कुछ मंत्री स्वयं भय और आतंक के प्रतीक बन चुके थे. बुलंदशहर गैंगरेप की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस मामले में तत्कालीन मंत्रियों के शर्मनाक बयान पूरे देश ने देखे थे. उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले ऐसा कोई जिला नहीं था, जहां दंगे न हुए हों और कर्फ्यू न लगा हो. मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और सहारनपुर के दंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में कानून का नहीं, बल्कि अपराधियों और माफियाओं का राज था.
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि हर जिले में एक माफिया सक्रिय था और हर थाने में समाजवादी पार्टी का कोई गुर्गा वसूली करता था. तहसीलें वसूली के अड्डे बन चुकी थीं. महिलाओं को सुरक्षा नहीं थी, व्यापारी परेशान थे और युवाओं के रोजगार पर डकैती पड़ती थी. सिंडीकेट के माध्यम से हर जनपद में समानांतर सरकारें चलाई जा रही थीं. उन्होंने सपा नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले “बबुआ” दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे और शाम पांच बजे जिम जाने का समय हो जाता था. इसके बाद महफिलें सजती थीं, ऐसे में उन्हें जनता की समस्याएं सुनने की फुर्सत कहां थी. उन्होंने कहा कि पहले भी उन्होंने प्रदेश के लिए कुछ नहीं किया और प्रभु राम ने आगे भी उन्हें इस लायक नहीं छोड़ा कि वे कुछ कर सकें.
इसे भी पढ़ें : पश्चाताप के समय बेचैन नहीं हुआ जाता…जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर राजभर का अखिलेश यादव पर निशाना, लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्ना के उपासकों ने गन्ना किसानों को ठगा, युवाओं का शोषण किया और माताओं-बहनों की सुरक्षा में सेंध लगाने का काम किया. व्यापारियों और उद्यमियों को भय और दहशत के माहौल में जीने के लिए मजबूर किया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी में पहुंच गया था. आज वही उत्तर प्रदेश उस श्रेणी से बाहर निकलकर विकास और निवेश का केंद्र बन चुका है. उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में न दंगा है, न कर्फ्यू है. कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा, “आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं- न कर्फ्यू है, न दंगा है, बुलंदशहर चंगा है.”

