अशोक कुमार जायसवाल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर. अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा. वीआईपी गेट से लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय तक सड़क किनारे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी 50 से 70 अवैध दुकानों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया. कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.
अतिक्रमण हटाओ अभियान की निगरानी खुद एसडीएम अनुपम मिश्रा, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजीव मोहन सक्सेना और सीओ अरुण कुमार सिंह ने की. तीनों अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे. सुबह करीब 10 बजे प्रशासन की टीम जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची. इसके बाद एक-एक कर अस्थायी ढांचों, टीनशेड, गुमटियों और पक्की दुकानों को ध्वस्त किया गया.
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कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई दुकानदारों ने खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया. वहीं कुछ व्यापारी अधिकारियों से मोहलत मांगते दिखे, लेकिन प्रशासन ने किसी को भी राहत नहीं दी. बुलडोजर की गड़गड़ाहट के बीच देखते ही देखते वीआईपी गेट से सपा कार्यालय तक का पूरा मार्ग अतिक्रमण मुक्त हो गया. प्रशासन के अनुसार, यह अभियान मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम से आम लोगों को राहत दिलाने के लिए चलाया जा रहा है. एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि वीआईपी गेट से सपा कार्यालय तक सड़क की दोनों पटरियों पर अतिक्रमण के कारण रोजाना घंटों जाम लगता था. एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती थी. सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई दुकानों से न सिर्फ यातायात बाधित होता था, बल्कि सरकारी योजनाओं में भी अड़चन आ रही थी.
व्यापारियों ने जताया विरोध
हालांकि इस कार्रवाई से प्रभावित व्यापारियों में भारी नाराजगी है. व्यापारियों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना पूर्व सूचना और पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना ही उनकी रोजी-रोटी छीन ली. कई दुकानदारों ने कहा कि वे पिछले 15-20 सालों से यहां दुकान चला रहे थे. अचानक हुई कार्रवाई से उनके सामने जीविका का संकट खड़ा हो गया है. व्यापार मंडल ने प्रशासन के इस कदम पर आपत्ति जताई है और मुआवजे की मांग की है. दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का समर्थन किया है.
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लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटने से सड़क चौड़ी हो जाएगी और आवागमन आसान होगा. स्कूल जाने वाले बच्चों और मरीजों को भी जाम से राहत मिलेगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. शहर के अन्य इलाकों को भी चिन्हित कर कब्जा मुक्त कराया जाएगा. एसडीएम ने चेतावनी दी कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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