बक्सर। बिहार के बक्सर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में हुई एक बड़ी चूक ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। बीते 23 मई 2026 को मुख्यमंत्री का बक्सर दौरा प्रस्तावित था जिसके तहत उनके हेलीकॉप्टर को शहर के ऐतिहासिक किला मैदान में उतरना था। हालांकि सुरक्षा और तकनीकी कारणों से हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बक्सर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

​क्या थी पूरी घटना?

मुख्यमंत्री के आगमन के लिए किला मैदान को हेलीपैड के रूप में चयनित किया गया था। प्रोटोकॉल के अनुसार निर्धारित स्थान पर लैंडिंग के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा और आधारभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी थी। जांच में सामने आया कि मौके पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं थीं जिसके कारण सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पायलट को हेलीकॉप्टर उतारने में बाधा आई। मुख्यमंत्री जैसे वीवीआईपी (VVIP) की सुरक्षा में इस तरह की कोताही को विभाग ने अत्यधिक संवेदनशील माना है।

​जांच टीम की रिपोर्ट और विभाग का कड़ा रुख

घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया। टीम ने घटना के हर पहलू जैसे स्थल की तैयारी, सुरक्षा मानकों का पालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से समीक्षा की। जांच रिपोर्ट में ईओ कुमार ऋत्विक को जिम्मेदार ठहराया गया। विभाग के अनुसार उन्होंने अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में न केवल लापरवाही बरती बल्कि वरीय अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी भी की। यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।

​निलंबन और विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया

नगर विकास एवं आवास विभाग ने ‘बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005’ के तहत कुमार ऋत्विक को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नगर आयुक्त कार्यालय, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उनके विरुद्ध जल्द ही औपचारिक विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी जिसके लिए अलग से आरोप पत्र जारी किया जाएगा। फिलहाल बक्सर नगर परिषद में कामकाज सुचारू रखने के लिए नए ईओ की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कार्यों और सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।