कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बिहार सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती को लेकर तीखा प्रहार किया है। मंडल ने इसे राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कदम करार देते हुए कहा कि सत्ता जाने के बाद कद घटाने की मानसिकता सरकार को शोभा नहीं देती।

​सुरक्षा हमारा हक, भीख नहीं

​मंगनी लाल मंडल ने दोटूक शब्दों में कहा कि लालू परिवार सरकार से कोई एहसान नहीं मांग रहा है बल्कि यह उनका संवैधानिक हक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों को सुरक्षा मुहैया करा रही है जो न तो सांसद हैं और न ही विधायक, केवल जदयू से जुड़े हुए हैं। मंडल ने तंज कसते हुए कहा, पिछले 20 वर्षों से उन लोगों को सुरक्षा दी जा रही है जिन्हें कोई खतरा तक नहीं है। यह भेदभावपूर्ण रवैया सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है।

​अतिपिछड़ों के अपमान का आरोप

​प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में कानून-व्यवस्था की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से अब तक करीब 60-70 बलात्कार की घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर के बाद यदि इस प्रदेश में अतिपिछड़ों और पिछड़ों को किसी ने वास्तविक सम्मान दिया है, तो वह लालू यादव हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जब भी किसी पिछड़े वर्ग के व्यक्ति के साथ अपराध होता है, तो यह सरकार एफआईआर (FIR) बदलवाने का कुत्सित कार्य करती है।

​कानूनी लड़ाई की चेतावनी

​मंगनी लाल मंडल ने जदयू नेताओं के संसाधनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के कई सांसद और विधायक पटना से लेकर दिल्ली तक आलीशान सरकारी आवासों में रह रहे हैं जिन्हें बिना किसी ठोस आधार के सुरक्षा मिली हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजद इस मामले को लेकर अब न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि अनर्गल बयानबाजी बंद कर संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करें।