कुंदन कुमार, बक्सर। शहर के किला मैदान स्थित रामलीला मंच पर रविवार को विश्वामित्र सेना के बैनर तले ‘सनातन गौरव सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान एक तरफ जहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, वहीं दूसरी तरफ कई तरह के निशुल्क सेवा कार्यों का संचालन कर सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की गई. इस आयोजन से पूरे क्षेत्र में खासा उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला.

​महिलाओं को साड़ियों का वितरण

​आगामी पर्व-त्योहारों को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में एक विशेष पहल की गई. तीज और चौरचन के पवित्र अवसरों के मद्देनजर कार्यक्रम में पहुंचीं हजारों महिलाओं के बीच नई साड़ियों का वितरण किया गया. महिलाओं ने इस सौगात पर अपनी प्रसन्नता जाहिर की और आयोजकों के प्रति आभार जताया. मातृशक्ति की यह सहभागिता इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रही.

​नेत्र जांच शिविर का आयोजन

​सम्मेलन स्थल पर आमजन के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक विशाल निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. इसमें अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श दिया. इसी कड़ी में विशेष नेत्र परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया. जांच के बाद जिन जरूरतमंद लोगों को नजर की कमजोरी की समस्या पाई गई, उन्हें तत्काल निशुल्क चश्मे उपलब्ध कराए गए. स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलने से लाभान्वितों के चेहरों पर साफ खुशी झलकी.

​च्यवनप्राश का वितरण

​महर्षि विश्वामित्र की पावन नगरी बक्सर की प्राचीन और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वामित्र सेना की ओर से विशेष रूप से तैयार च्यवनप्राश का वितरण किया गया. बक्सर की इस पारंपरिक विरासत को घर-घर तक पहुंचाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के इस अनूठे प्रयास की उपस्थित जनसमूह ने जमकर सराहना की.

​बक्सर को पहचान दिलाने का संकल्प

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने अपने ओजस्वी भाषण में कहा कि सनातन शाश्वत है, सनातन था, सनातन है और सनातन हमेशा रहेगा. उन्होंने मुखरता से यह बात रखी कि बक्सर को आज तक वह ऐतिहासिक अधिकार और पहचान नहीं मिल पाई है, जिसकी वह वास्तव में हकदार है. विश्वामित्र सेना बक्सर को उसका वह हक और मुकाम दिलाकर रहेगी. संगठन बक्सर की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सनातन पहचान को राष्ट्रीय और वैश्विक पटल पर मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा.

​अधिकारों की रक्षा के लिए आह्वान

​अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने बक्सर के तमाम नागरिकों से अपील की कि वे अपनी समृद्ध विरासत, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए जाति-पाति से ऊपर उठकर एकजुट हों. उन्होंने स्पष्ट किया कि बक्सर की असली ताकत यहां की जनता की आपसी एकता और सामूहिक प्रयासों में निहित है. सभी के सम्मिलित और मजबूत प्रयासों से ही बक्सर के विकास और उसके गौरवशाली अधिकारों को पाने का यह महाअभियान अपनी मंजिल तक पहुंचेगा.