Dharm Desk- सनातन परंपरा में यंत्रों को अत्यंत प्रभावशाली साधन माना गया है. जिस प्रकार मंत्र देवता की आत्मा होते हैं. उसी प्रकार यंत्र देवता का स्वरूप हैं. यही कारण है कि पूजा स्थल में यंत्र स्थापित कर उनकी उपासना करना विशेष फलदायी माना है. यंत्र केवल ज्यामितीय आकृतियां नहीं हैं, बल्कि इन्हें ब्रह्मांडीय ऊर्जा को आकर्षित और संचालित करने वाला माध्यम भी कहा जाता है. त्रिकोण, वृत्त, वर्ग, षट्कोण आदि आकृतियों से निर्मित ये दिव्य रचनाएं साधक की चेतना को केंद्रित करती हैं, सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं.
तांत्रिक एवं वैदिक ग्रंथों में यंत्रों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है. विधिपूर्वक प्राण-प्रतिष्ठित यंत्रों की नियमित पूजा से व्यक्ति को मानसिक शांति, कार्यों में सफलता, धन-संपत्ति, रोगों से राहत तथा शत्रु बाधा से सुरक्षा प्राप्त होती है. ग्रहदोषों की शांति और जीवन में सौभाग्य वृद्धि के लिए भी यंत्र साधना को प्रभावी है. यंत्र पूजा इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह साधक के मन, ऊर्जा और श्रद्धा को एकाग्र कर इच्छित फल प्राप्ति में सहायक बनती है. अलग-अलग उद्देश्यों के लिए विभिन्न यंत्रों की पूजा की जाती है. जिनका अपना विशिष्ट आध्यात्मिक महत्व और प्रभाव माना गया है.
प्रमुख यंत्र और उनके लाभ
श्री यंत्र: मां लक्ष्मी की कृपा, धन-धान्य, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है.
महामृत्युंजय यंत्र: भगवान शिव को समर्पित यह यंत्र रोग, भय, अकाल मृत्यु और संकटों से रक्षा प्रदान करने वाला माना जाता है.
बगलामुखी यंत्र: शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी, विवाद और विरोधियों पर विजय प्राप्त करने के लिए इसकी साधना की जाती है.
कुबेर यंत्र: धन-संपत्ति, आर्थिक स्थिरता और व्यापार में उन्नति के लिए इसकी पूजा विशेष फलदायी मानी गई है.
श्री महालक्ष्मी यंत्र: घर में स्थायी लक्ष्मी वास, आर्थिक सुख और समृद्धि के लिए इसकी स्थापना करनी चाहिए.
हनुमान यंत्र: भय, नकारात्मक शक्तियों और बाधाओं से रक्षा कर साहस एवं आत्मबल बढ़ाने वाला माना है.
संकटमोचन यंत्र: जीवन के बड़े संकटों और कठिन परिस्थितियों से मुक्ति दिलाने वाला यंत्र असर कारी माना जाता है.
गृहक्लेश निवारण यंत्र: परिवार में शांति, प्रेम और आपसी सामंजस्य बनाए, रखने के लिए उपयोग किया जाता है.
दुर्भाग्य निवारक यंत्र: अचानक आने वाली परेशानियों, बाधाओं और दुर्भाग्य से रक्षा करने वाला है.
सूर्य यंत्र: स्वास्थ्य, तेजस्विता और आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए सूर्य देव की उपासना जरूरी होती है.

