संजय पाटीदार/कुमार इंदर, भोपाल/जबलपुर। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी भोपाल स्थित आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के निवास पर पिछले 2 घंटे से सीबीआई की टीम डेरा डाले हुए है और बंद कमरे में उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।

घर के अंदर 3D मैपिंग और वीडियोग्राफी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई (CBI) की टीम कुछ विशेष वैज्ञानिक उपकरण और सामान लेकर गिरिबाला सिंह के घर के अंदर दाखिल हुई है। साक्ष्य जुटाने के लिए घर के कोने-कोने की वीडियोग्राफी कराई जा रही है और 3D मैपिंग के जरिए घटनाक्रम को री-क्रिएट कर जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि गहन पूछताछ के बाद सीबीआई (CBI) की टीम किसी भी वक्त गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर सकती है। टीम उन्हें कुछ ही देर में मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर रवाना हो सकती है।

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महाधिवक्ता प्रशांत सिंह का बड़ा बयान

इस पूरी कार्रवाई के बीच मामले में महाधिवक्ता (Advocate General) प्रशांत सिंह का एक बेहद चौंकाने वाला बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केस से जुड़े कई गंभीर पहलुओं को उजागर किया है। महाधिवक्ता ने खुलासा किया कि मौत से पहले मृतका ट्विशा शर्मा के शरीर पर 7 गंभीर चोट के निशान थे। उन्होंने कहा कि ट्विशा को ऊपर से नीचे उतारते समय कोई चोट नहीं आई थी।

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नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं

निचली अदालत ने जमानत देते समय इन बेहद महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक तथ्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया था। यहाँ तक कि एफआईआर (FIR) दर्ज होने से पहले ही निचली अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी थी। प्रशांत सिंह ने बताया कि गिरिबाला सिंह ने पुलिस के नोटिस का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया था और न ही उन्होंने इन्वेस्टिगेशन में कोई सहयोग किया।

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