अजय सैनी, भिवानी. चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय में परीक्षा शाखा की कार्यप्रणाली और डिग्री-डीएमसी मिलने में हो रही देरी को लेकर छात्रों का गुस्सा फूटने लगा है। छात्र नेता प्रवीण बूरा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखकर छात्रों की समस्याओं के समाधान हेतु कड़े कदम उठाने और जवाबदेही तय करने की मांग की है। मांगपत्र सौंपते हुए एनएसयूआई छात्र नेता प्रवीण बूरा ने कहा कि एग्जाम ब्रांच में परिणाम में त्रुटि, री-चेकिंग और दस्तावेजों से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें धूल फांक रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन शिकायतों के निस्तारण की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है, जिसके कारण दूर-दराज से आने वाले छात्रों को बार-बार यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बूरा ने कहा कि छात्र केवल अपनी डिग्री या डीएमसी के लिए महीनों तक भटकता रहता है। न तो शिकायतों का समाधान समय पर होता है और न ही संबंधित भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाती है। यह न केवल छात्रों के समय की बर्बादी है, बल्कि उनके मानसिक उत्पीडऩ का कारण भी बन रहा है।

उन्होंने मांग की कि एग्जाम ब्रांच में आने वाली हर शिकायत के समाधान के लिए अधिकतम दिनों की संख्या तय की जाए, शिकायत के समाधान और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि छात्र को अपडेट मिलता रहे, कोर्स पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को उनकी डिग्री और डिटेल मार्क कार्ड निर्धारित समय के भीतर उपलब्ध कराए जाएं, एग्जाम ब्रांच में स्टाफ बढ़ाया जाए, ताकि कार्य जल्दी हो। यदि निर्धारित समय में काम नहीं होता, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाए।

प्रवीण बूरा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और शिकायतों के निस्तारण के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी नहीं किए, तो छात्र बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि समय-सीमा निर्धारित होने से न केवल विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता और दक्षता आएगी। इस अवसर पर सौरब, मोंटी, निखिल, लक्ष्य, नितिन, कमल, शिव, दीपक, अजय, विशाल भी साथ रहे।