देश में फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म के पायरेटेड कंटेंट के बढ़ते प्रसार पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने Telegram को नोटिस जारी कर कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाले चैनलों और कंटेंट के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य डिजिटल पायरेसी पर रोक लगाकर क्रिएटर इकोनॉमी और मनोरंजन उद्योग के हितों की रक्षा करना है।
15 दिन के भीतर कार्रवाई कर सौंपनी होगी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने Telegram से कहा है कि वह उन सभी चैनलों और समूहों पर तुरंत कार्रवाई करे, जहां बिना अनुमति फिल्मों और OTT प्लेटफॉर्म का कॉपीराइटेड कंटेंट साझा या प्रसारित किया जा रहा है। साथ ही, प्लेटफॉर्म को 15 दिनों के भीतर Action Taken Report (ATR) जमा करनी होगी, जिसमें उठाए गए सभी कदमों की जानकारी देनी होगी।
फिल्म और OTT इंडस्ट्री को होता है करोड़ों का नुकसान
ऑनलाइन पायरेसी के कारण फिल्म निर्माताओं, OTT प्लेटफॉर्म, टीवी ब्रॉडकास्टर्स, प्रोड्यूसर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स को हर साल भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। नई रिलीज फिल्मों और वेब सीरीज की अवैध कॉपी वायरल होने से बॉक्स ऑफिस और डिजिटल स्ट्रीमिंग का राजस्व प्रभावित होता है। यही वजह है कि सरकार कॉपीराइट कानूनों के सख्ती से पालन पर जोर दे रही है।
क्रिएटर इकोनॉमी को सुरक्षित रखने की कोशिश
सरकार का मानना है कि पायरेटेड कंटेंट पर प्रभावी रोक लगाने से कंटेंट क्रिएटर्स, फिल्म निर्माताओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुरक्षा मिलेगी। इससे मनोरंजन उद्योग में निवेश का माहौल भी बेहतर होगा और ओरिजिनल कंटेंट बनाने वालों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा।
नियमों का पालन नहीं करने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, यदि Telegram तय समयसीमा के भीतर प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो केंद्र सरकार आगे और कड़ी कार्रवाई पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और Telegram की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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