सुरेश परतागिरी, बीजापुर। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम ईटपाल में स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में भीषण आग लगने से सरकार का लगभग करोड़ों रुपये की लागत से रखा तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन विभाग, प्रशासन और दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हुई हैं।

जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर ग्राम ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता गोदाम में अचानक आग लग गई। आग धीरे-धीरे बढ़ते हुए विकराल रूप धारण कर पूरे गोदाम और तेंदूपत्तों से भरी बोरियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे सब कुछ जलकर खाक हो गया। इस आगजनी की घटना से गोदाम में हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन 25 हजार बोरे, 8 समितियों और 13 लॉट का बताया जा रहा है।

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विभाग की ओर से फिलहाल आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

लापरवाही पर उठे सवाल

घटना के बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं। जब तेंदूपत्ता की उठाई-ढुलाई का कार्य वहां चल रहा था, तो आग कैसे लगी? आग लगने के समय कर्मचारी, गोदाम प्रभारी और विभागीय अधिकारी कहां मौजूद थे? साथ ही, गोदामों में तेंदूपत्ता रखने से पहले विभाग द्वारा आग बुझाने के पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई- सीसीएफ

मामले में विभाग के सीसीएफ आलोक तिवारी ने बताया कि फिलहाल आग बुझाने का कार्य जारी है। नुकसान का सही आकलन पूरी जानकारी मिलने के बाद ही किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यहां 8 समितियों के 13 लॉट की लगभग 25 हजार बोरियां रखी हुई थीं। आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैल गई और बोरियां उसकी चपेट में आ गईं।

उन्होंने कहा कि बीमा प्रकरण आगे भेजा जाएगा और मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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