CG News : आशुतोष तिवारी, जगदलपुर. बस्तर में धान रोपाई के सबसे महत्वपूर्ण समय के बीच कथित नकली डीएपी खाद का मामला सामने आने से किसानों में चिंता बढ़ गई है. कुंमरावंड के एक निजी कृषि केंद्र से खरीदे गए डीएपी को किसानों ने मिट्टी जैसा बताते हुए खाद लेकर सीधे कलेक्टर से शिकायत की है. किसानों का कहना है कि खाद खेत में डालने से पहले जब उसे हाथ से मसलकर देखा गया तो वह खाद की बजाय मिट्टी जैसी निकली. इससे कई किसानों ने खाद का उपयोग रोक दिया, जबकि कुछ किसान यही खाद पहले ही अपने खेतों में डाल चुके हैं.
किसानों का कहना है कि अभी धान रोपाई का समय चल रहा है और ऐसे में खाद उपलब्ध होने में एक दिन की भी देरी सीधे फसल और उत्पादन को प्रभावित कर सकती है. किसानों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें पैसे की वापसी नहीं, बल्कि तत्काल गुणवत्तापूर्ण और असली खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो.
किसानों ने निजी दुकानों पर बिना बिल खाद बेचने, निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने और कालाबाजारी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं. शिकायत के बाद अपर कलेक्टर ने कृषि विभाग और एसडीएम की संयुक्त टीम को खाद के नमूनों की जांच, संबंधित दुकान के निरीक्षण कर बिल और ओवररेटिंग की शिकायतों की जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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