कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के चैनत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। कांग्रेस सांसद Deepender Singh Hooda ने ग्रामीणों के समर्थन में बयान जारी करते हुए आरोप लगाया है कि महीनों से अपने हिस्से के पानी की मांग कर रहे लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि चैनत गांव के लोग लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं और पानी जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानी की मांग कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि ग्रामीणों का अधिकार है। उनके अनुसार लोकतंत्र में जनता की बात सुनी जानी चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें कुछ ग्रामीण आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं कि रात के समय पुलिस गांव पहुंची और आंदोलन से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि ग्रामीण किसी विशेष सुविधा या एहसान की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने हिस्से के पानी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से जल्द समाधान निकालकर ग्रामीणों को राहत देने की अपील की।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह मामला लंबा खिंचता है तो यह केवल स्थानीय जल संकट का विषय नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण असंतोष और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर भी बहस का कारण बन सकता है। फिलहाल नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की मांगों तथा लगाए गए आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं।